
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद कैदी 17 माह के लंबे इंतजार के बाद सोमवार से अपने परिजनों से मिल सकेंगे। परिजन उन्हें पहले की तरह जरूरी सामान और खान-पान की वस्तुयें दे सकेंगे। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी के निर्देश पर डीजी आनंद कुमार ने प्रदेश के सभी जेल अधीक्षकों को आदेश जारी करते हुए कहा कि 16 अगस्त से बंदियों से मुलाकात शुरू की जाये। गौरतलब है कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी के चलते मुलाकात बंद कर दी गई थी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश की जेलों में निरुद्ध एक लाख से ज्यादा कैदियों के परिजनों ने राहत की सांस ली है।
जारी निर्देशों के मुताबिक, बंदियों से मुलाकात करने की अनुमति उन्हें ही दी जाएगी जो कोरोना की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट लाएंगे। ध्यान रहे कि यह रिपोर्ट तीन दिन (72 घण्टे) से अधिक पुरानी न हो। जेल में मुलाकात के दौरान परिजनों को कोविड गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना होगा। सभी की थर्मल स्कैनिंग की जाएंगी। मुलाकात के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइजेशन का पूरा पालन हो, इस पर जेलकर्मी पैनी नजर रखेंगे।
जेलों की तैयारियां पूरी
डीजी आनंद कुमार के आदेश के बाद प्रदेश की जेलों में मुलाकात घर की साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन करा दिया गया है। जेलकर्मियों की निगरानी टीम बना दी गई है। लखनऊ जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि यहां 3800 कैदी निरुद्ध हैं। सोमवार से मुलाकात शुरू हो जाएगी। मुलाकातियों की निगरानी व तलाशी के लिए टीम बना दी गई है। सीसीटीवी कैमरों से भी मुलाकातियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
हफ्ते में एक बार ही मुलाकात
जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताते हैं कि एक हफ्ते में सिर्फ एक बार बंदी की मुलाकात होगी। इस दौरान दो ही मुलाकातियों को बंदी मिलने दिया जाएगा। जरूरी है कि मुलाकातियों के पास तीन दिन के भीतर की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए।
Updated on:
15 Aug 2021 03:22 pm
Published on:
15 Aug 2021 03:20 pm
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