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यूपी रेरा का बड़ा फैसला: ₹6800 करोड़ की 24 परियोजनाओं को मंजूरी, 13 जिलों में विकास

यूपी रेरा ने 13 जिलों में ₹6,800 करोड़ से अधिक की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे 7,830 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित होंगी और शहरी विकास को गति मिलेगी।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 17, 2026

यूपी रेरा का बड़ा फैसला: ₹6,800 करोड़ की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी, 13 जिलों में होगा विकास (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

यूपी रेरा का बड़ा फैसला: ₹6,800 करोड़ की 24 रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी, 13 जिलों में होगा विकास (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP RERA Approves ₹6,800 Crore Projects Across 13 Districts: उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति देने के लिए यूपी रेरा (उत्तर प्रदेश भू संपदा विनियामक प्राधिकरण) ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्राधिकरण ने राज्य के 13 जिलों में कुल ₹6,841.85 करोड़ के निवेश वाली 24 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 7,830 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी, जिससे प्रदेश में शहरी विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

198वीं बैठक में लिया गया अहम निर्णय

इन परियोजनाओं को मंजूरी यूपी रेरा की 198वीं प्राधिकरण बैठक में दी गई, जो लखनऊ स्थित मुख्यालय में अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और केवल उन्हीं परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जो सभी नियामकीय मानकों और अनुपालन शर्तों को पूरा करती थीं। यह प्रक्रिया रेरा की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की नीति को दर्शाती है।

13 जिलों में होगा व्यापक विकास

मंजूर की गई परियोजनाएं उत्तर प्रदेश के 13 अलग-अलग जिलों में फैली हुई हैं। इन परियोजनाओं के जरिए न केवल आवासीय बल्कि व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड-यूज) विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर जिले में सबसे अधिक परियोजनाएं और निवेश देखने को मिला है, जो पहले से ही प्रदेश का प्रमुख रियल एस्टेट हब माना जाता है।

7,830 यूनिट्स का निर्माण

इन 24 परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 7,830 आवासीय और व्यावसायिक यूनिट्स विकसित की जाएंगी। इनमें प्लॉट, विला, फ्लैट और दुकानों जैसी विभिन्न प्रकार की संरचनाएं शामिल हैं। इससे राज्य में आवास की उपलब्धता बढ़ेगी और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।

रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

यूपी रेरा के इस फैसले से राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से पारदर्शिता और नियमन की कमी से जूझ रहे इस क्षेत्र में अब व्यवस्थित विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की मंजूरियां निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद करेंगी और नए निवेश को आकर्षित करेंगी।

गृह खरीदारों के हितों की सुरक्षा

यूपी रेरा की प्राथमिकता हमेशा से गृह खरीदारों के हितों की रक्षा करना रही है। इस बैठक में भी उन्हीं परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जो सभी कानूनी और तकनीकी मानकों पर खरी उतरीं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि खरीदारों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध हो सके।

मिश्रित उपयोग परियोजनाओं पर जोर

इन परियोजनाओं में मिक्स्ड-यूज डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका मतलब है कि एक ही परिसर में आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे लोगों को रहने, काम करने और खरीदारी जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी, जो आधुनिक शहरी जीवन शैली के अनुरूप है।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बल

₹6,800 करोड़ से अधिक के निवेश से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण कार्यों के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। साथ ही, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद व्यापार और सेवा क्षेत्र में भी तेजी आएगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

यूपी रेरा लगातार रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। परियोजनाओं की मंजूरी से पहले उनकी विस्तृत जांच की जाती है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनियमितता न हो। यह कदम न केवल खरीदारों बल्कि डेवलपर्स के लिए भी एक स्पष्ट और भरोसेमंद प्रणाली तैयार करता है।

शहरी अवसंरचना को मिलेगा नया आयाम

इन परियोजनाओं के जरिए राज्य के विभिन्न शहरों में शहरी अवसंरचना को नया आयाम मिलेगा। बेहतर सड़कों, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं के विकास से शहरों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, योजनाबद्ध तरीके से विकास होने से अनियंत्रित शहरीकरण की समस्या भी कम होगी।

निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत

रियल एस्टेट सेक्टर में इस तरह के बड़े निवेश को विशेषज्ञ सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हो रहा है और सरकार तथा नियामक संस्थाएं इस दिशा में सक्रिय हैं। यह कदम राज्य को निवेश के लिहाज से और अधिक आकर्षक बना सकता है।