मौलाना कल्बे जवाद ने कहा, "भूमि को मुक्त करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। हम इसे क्राउडफंडिंग के माध्यम से फिर से बनाएंगे। मैं एक अन्य मौलवी के साथ इमामबाड़ा के लिए 50,000 रुपये का दान दूंगा और 30,000 रुपये समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा गिरवी रखे गए हैं।"