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18 माह बाद स्कूल जाएंगे छोटे बच्चे, इस बदलाव के साथ होगी पढ़ाई, जानें नए नियम

UP Schools Reopening from 1st September These Rules are Must to Follow- कोरोना काल (Covid-19) के चलते स्कूल बंद थे। लेकिन अब संक्रमण के केस में कमी को देखते हुए राज्य सरकार (UP Government) ने चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का फैसला किया है। करीब 18 महीने बाद बुधवार को स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में विद्यालय में पढ़ाई शुरू करने से पहले कई तैयारियां की गई हैं।

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UP Schools Reopening from 1st September These Rules are Must to Follow

UP Schools Reopening from 1st September These Rules are Must to Follow

लखनऊ. UP Schools Reopening from 1st September These Rules are Must to Follow. कोरोना काल (Covid-19) के चलते स्कूल बंद थे। लेकिन अब संक्रमण के केस में कमी को देखते हुए राज्य सरकार (UP Government) ने चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोलने का फैसला किया है। करीब 18 महीने बाद बुधवार को स्कूल खुल रहे हैं। ऐसे में विद्यालय में पढ़ाई शुरू करने से पहले कई तैयारियां की गई हैं। बच्चों को साधारण तरीके से न पढ़ाकर उनकी सेहत का पूरा ख्याल रखते हुए क्लासेज कराई जाएंगी। प्रदेश में कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों के स्कूल पहले ही खुल चुके हैं। अब बुधवार से कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी। स्कूलों में कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूल प्रबंधक सिटिंग अरेंजमेंट इस तरह से करेंगे जिससे बच्चों में दो गज की दूरी के नियम का पालन हो सके। छात्रों को अलग-अलग कमरे में बैठाया जाएगा। हर बच्चे को सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा बिना मास्क किसी भी शिक्षक, बच्चे या कर्मचारी को प्रवेश की इजाजत नहीं होगी।

अलग-अलग समय चलेंगी क्लास

अधिकांश स्कूल सुबह 8 बजे ही खुलेंगे। मगर कक्षाओं का संचालन को लेकर स्कूलों में अलग-अलग समय निर्धारित कर रखा है। हर जगह कक्षा दो पालियों में चलेगी। अधिकतर स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए अलग समय, कक्षा 06 से 07 तक के बच्चों के लिए अलग समय और कक्षा 08 से 12 के लिए अलग-अलग समय तय किया गया है। कक्षाएं सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के मध्य संचालित की जाएंगी।

बच्चों में अवसाद और बेचैनी के दिख रहे लक्षण

पढ़ाई बंद रहने और डेढ़ साल तक घर में ही रहने के कारण बच्चों का स्वभाव चिड़चिड़ा हो गया है। उनमें अवसाद और बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बच्चों के मानसिक विकास के लिए स्कूलों में योग कक्षाओं का भी संचालन किया जाएगा। इसके अलावा स्कूल में आने के लिए बच्चों को बाध्य नहीं किया जाएगा। छात्रों की संख्या अधिक होने पर ऑनलाइन क्लासेज भी शुरू की जा सकती हैं।

कोविड नियमों का पालन जरूरी

शिक्षा विभाग ने बुधवार को स्कूल खोले जाने को लेकर कोरोना प्रोटोकॉल के पालन को लेकर एसओपी जारी की है। स्कूलों में कोविड-19 को लेकर जारी एसओपी का पालन करना अनिवार्य है। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। उनकी निगरानी के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाएगा।

इनसेट
एक सितंबर से मदरसे भी खुलेंगे

एक सितंबर से मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसे भी खुलेंगे। इनमें कक्षा 1 से कक्षा 5 तक पढ़ाई शुरू होगी। उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने राज्य के मदरसों में कोविड प्रोटोकॉल एवं प्रतिबंधों के साथ पठन–पाठन शुरू किए जाने की इजाजत दी है। मंत्री ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। पढ़ाई के साथ-साथ कोरोना प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

कक्षा 6 से 8 की क्लासेज हो चुकी हैं शुरू

राज्य में 23 अगस्त से कक्षा 6 से 8वीं तक की क्लासेज शुरू हो चुकी हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की तरह उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता, सहायता प्राप्त मदरसों में भी फौकानिया यानी कि कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के बच्चों का शिक्षण कार्य 23 अगस्त से खुल चुके हैं। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए शिक्षण कार्य 01 सितंबर से शर्तों और प्रतिबंधों के साथ खुलेंगे।

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