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साक्षरता के मामले में यूपी है पीछे, जानिए मिला है कौन सा स्थान

यूपी की खुद की साक्षरता दर पूरे भारत की औसत साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत से भी कम है।

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Prashant Mishra

Sep 08, 2016

लखनऊ. आज साक्षरता दिवस के दिन हम आपको बता दें कि जाहं यूपी बेरोजगारी, अपराध, भ्रष्टाचार के मामले में आगे है वहीं साक्षरता के मामले में काफी पीछे है।
जनगणना 2011 के आंकड़ों के अनुसार साक्षता के मामले में यूपी की हालत काफी बुरी बनी हुई है। जानकारी के लिए बता दें कि साक्षऱता के मामले में यूपी देश में 29 वें नंबर पर है।

ये राज्य हैं यूपी से पीछे
भारत की औसत साक्षरता दर से कम आंकड़े वाले राज्यों में यूपी अन्य राज्यों उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से भी यूपी पीछे हैं। कुल 35 राज्यों की बनी सूची में यूपी से नीचे सिर्फ जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश, झारखंड, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और बिहार हैं।

बढ़ रही है साक्षरों की संख्या
जनगणना
2011 के अनुसार यूपी काफी पीछे है लेकिन खुशी की बात ये है कि
सूबे में साक्षरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले 10 साल के अंतराल में 3.87 करोड़ लोग अधिक साक्षर हुए। साथ ही यूपी की साक्षरता दर भी 56.27 फीसदी से बढ़कर 69.72 फीसदी हो गई। फिर भी यूपी साक्षरता के मामले में दूसरे राज्यों से पिछड़ा हुआ है। देश भर में यूपी साक्षरता दर की मेरिट में 29वें पायदान पर है।
हालांकि यूपी में वर्ष 2001 की तुलना में वर्ष 2011 के आंकड़ों में साक्षरों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2001 में 56.27 प्रतिशत की साक्षरता दर के साथ यूपी में 5.88 करोड़ लोग निरक्षर थे। वहीं 2011 में साक्षरता दर 69.72 प्रतिशत के साथ निरक्षरों की संख्या 5.14 करोड़ रह गई है।


केरल है सबसे ज्यादा साक्षर राज्य

देश का केरल राज्य साक्षरता के मामले में सबसे आगे है। इस राज्यों की साक्षरता दर 93.91 प्रतिशत है। वहीं यूपी की खुद की साक्षरता दर पूरे भारत की औसत साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत से भी कम है।



यूपी तेजी से हो रहा है साक्षर
यूपी में साक्षरता में 2001 की तुलना में 2011 के आंकड़ों में यूपी की साक्षरता दर में 11.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि पूरे देश में केवल 8.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिली है। देश की तुलना में साक्षरता दर का अंतर भी कम हुआ है।
पहले यह अंतर 8.54 प्रतिशत था। अब यह अंतर केवल 5.31 प्रतिशत रह गया है। एक दशक में शहरों की साक्षरता दर में 5.34 प्रतिशत वृद्धि हुई है लेकिन गांवों की साक्षरता दर में सरकार के प्रयासों से 12.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।