
यूपी में भी उठी मांग, छात्रों का बने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, जानें- क्या हैं इसके फायदे
लखनऊ. बिहार सरकार की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश में भी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की मांग जोर पकड़ने लगी है। बिहार सरकार ने हाल ही में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की योजना शुरू की है। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपए की मदद मिलेगी। यह स्कीम शिक्षा ऋण के रूप में सरकार संचालित कर रही है। इसे विद्यार्थी लोन या स्टूडेंट लोन भी कहा जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
स्टूडेंड क्रेडिट कार्ड देश में अपनी तरह की अनोखी योजना है। इस योजना के तहत छात्रों के रहने, खाने-पीने के लिए प्रतिवर्ष 36 से 60 हजार रुपए मिलेंगे। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में लोन लेने वाले छात्रों को 4 प्रतिशत तथा छात्राओं 1 प्रतिशत ब्याज देना होगा। 2 अक्टूबर 2016 को लॉन्च इस योजना का संचालन शिक्षा वित्त निगम कर रहा है। इसके लिए 500 करोड़ का फंड जारी किया गया है। योजना का लाभ सिर्फ बिहार के छात्र-छात्राओं को ही मिलेगा। लोन तकनीकी और गैर तकनीकी कोर्स की पढ़ाई के लिए मिलता है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लाभ कैसे मिलेगा
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम (बीएससीसीएस) का लाभ 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण युवाओं को मिलता है। वे छात्र जो गरीबी के कारण आगे की पढ़ाई नहीं कर पाते वे पढ़ाई के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक से 4 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। कर्ज की गांरटी राज्य सरकार लेती है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ उठाने के लिए विद्यार्थी एप या पोर्टल के जरिए आवेदन करना होता है। इसके लिए बैंक की शाखाओं में जाने की जरूरत नहीं होती। ऑनलाइन आवेदन से पहले आवेदक और सह-आवेदक के आधार कार्ड, आवेदक और सह-आवेदक का पैन कार्ड, 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट एवं माक्र्सशीट, उच्च शिक्षण संस्थान में दाखिले का प्रमाणपत्र, विद्यार्थी, माता-पिता और गांरटर में से सभी के 2-2 फोटो, निवास प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाणपत्र और फॉर्म 16, माता-पिता के बैंक खाते का छह महीने का स्टेटमेंट और आवदेक का पहचान पत्र (आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस आदि) देना होता है। सभी दस्तावेज जमा करने के बाद करीब एक महीने में इस स्कीम में लोन की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम पर ब्याज और गारंटी
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लिए गए लोन पर छात्रों को चार प्रतिशत और छात्राओं को एक प्रतिशत ब्याज देना होगा। खास बात यह है कि इस योजना के लिए किसी को गांरटी लेनी नहीं होती। पढ़ाई पूरी करने के बाद स्टूडेंट को मूल रकम और ब्याज लौटाना होगा। लेकिन ऐसे गरीब छात्र जिनकी नौकरी नहीं लगती उनकी राशि सरकार कुछ सीमा तक भरेगी। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड स्कीम का लाभ बिहार से सटे झारखंड, उप्र और पश्चिम बंगाल से मैट्रिक पास करने वाले बिहार के मूल निवासी छात्र उठा सकते हैं।
Published on:
14 Aug 2018 03:09 pm
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