
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा के लिए बड़ा फैसला, ट्रक-डीसीएम-ट्रैक्टर को नहीं मिलेगी एंट्री फोटो सोर्स : Social Media
UP Traffic Diversion : श्रावण मास में कांवड़ यात्रा, सावन सोमवार और धार्मिक अनुष्ठानों को देखते हुए यूपी ट्रैफिक पुलिस ने एक अहम निर्णय लिया है। लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-27) पर 19 जुलाई से 9 अगस्त 2025 के बीच 10 दिन तक भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। इसमें ट्रक, डीसीएम, ट्रैक्टर और अन्य बड़े वाणिज्यिक वाहन शामिल हैं। यह प्रतिबंध विशेष रूप से श्रावण के दूसरे सोमवार (22 जुलाई) और श्रावण त्रयोदशी (24 जुलाई) के आसपास लागू रहेगा। पुलिस ने इसके लिए रूट डायवर्जन की विस्तृत योजना बनाई है जिससे आम यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नोट: यात्री वाहन, निजी कारें, बाइक और आपातकालीन सेवा वाहन (एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, पुलिस वाहन) को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
श्रावण मास में हजारों कांवड़ यात्री, सावन सोमवार के भक्त, और शिव मंदिरों की ओर जाने वाले श्रद्धालु इसी मार्ग से गुजरते हैं। यह देखा गया है कि इन दिनों में लखनऊ से लेकर गोरखपुर तक के हाईवे पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है।
ऐसे में भारी वाहनों की आवाजाही न केवल श्रद्धालुओं की जान को खतरे में डालती है, बल्कि कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। यही कारण है कि यातायात पुलिस, जिला प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं के परामर्श से यह निर्णय लिया गया है।
यातायात पुलिस ने डायवर्जन की पूरी रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारने की योजना है। उदाहरण के लिए:
लखनऊ ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक (SP Traffic) अशोक कुमार सिंह ने कहा “श्रावण मास में शिव भक्तों की सुरक्षा सर्वोपरि है। लखनऊ-गोरखपुर हाईवे कांवड़ यात्रा और सावन सोमवार के दौरान अत्यधिक व्यस्त रहता है। भारी वाहनों पर रोक से न केवल सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आमजन की यात्रा भी सुगम होगी।”
इस निर्णय से कुछ लॉजिस्टिक्स कंपनियों और किसानों को नुकसान की संभावना जताई जा रही है, खासकर जो सब्जी, फल या अनाज की ढुलाई करते हैं। कई व्यापारियों ने मांग की है कि आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई को प्रतिबंध से छूट दी जाए। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जरूरी आपूर्ति के लिए विशेष पास या रात के समय कुछ सीमित रियायतें दी जा सकती हैं। यातायात विभाग ने इस निर्णय की जानकारी आम लोगों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों तक पहुंचाने के लिए निम्न प्रयास किए हैं:
Updated on:
17 Jul 2025 08:15 am
Published on:
17 Jul 2025 08:15 am
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