
FIR FROM SMS: एफआईआर करने के बाद कॉपी के लिए नहीं काटने पड़ेंगे थानों के चक्कर, बस एक क्लिक और...
उत्तराखंड के एक गांव में उत्तर प्रदेश पुलिस और कथित बालू माफिया के बीच क्रॉस फायरिंग में एक महिला के मारे जाने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस अब आरोप-प्रत्यारोप में लगी हुई है। इस घटना के संबंध में दोनों राज्यों की पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज की है जिसमें पांच पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प उस समय हुई, जब यूपी पुलिस की एक टीम बुधवार शाम उत्तराखंड के भरतपुर में एक खनन माफिया जफर अली का पीछा कर रही थी। जफर पर 50 हजार रुपए का इनाम है। अब उस पर इनाम की राशि बढ़ाकर 1 लाख रुपए कर दी गई है।
कई धाराओं में एफआईआर
मुरादाबाद रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शलभ माथुर ने कहा कि, मुरादाबाद पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं को लागू करते हुए एफआईआर दर्ज की है। जिसमें दंगा, अपराधी को शरण देना, गिरफ्तारी का विरोध, हत्या का प्रयास, डकैती, लोक सेवक को चोट पहुंचाना और अन्य आपराधिक साजिश शामिल है।
जफर और 35 अन्य पर एफआईआर
मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), हेमंत कुटियाल ने कहा कि, एक वांछित अपराधी जफर और 35 अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
उधम सिंह नगर एसएसपी की सफाई
इस बीच, उधम सिंह नगर एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि, उत्तराखंड पुलिस ने कुंडा पुलिस स्टेशन में मृतक के पति की शिकायत पर हत्या और आईपीसी की अन्य संबंधित धाराओं के लिए 10 से 12 उत्तर प्रदेश पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अधिकारी ने कहा, यूपी पुलिस यहां एक अपराधी को पकड़ने आई थी, जिस पर 50,000 रुपए का इनाम है, लेकिन स्थानीय पुलिस को उनके आने की सूचना नहीं दी।
गुरताज सिंह भुल्लर के फार्महाउस पर छापा
एसएसपी मंजूनाथ टी.सी. ने कहा कि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा स्टेशन से भरतपुर के ब्लॉक प्रमुख गुरताज सिंह भुल्लर के फार्महाउस पर छापा मारा, जो कुंडा थाने के अंतर्गत आता है, इस सूचना पर कि जफर ने वहां शरण ली है। जफर 13 सितंबर को ठाकुरद्वारा एसडीएम परमानंद सिंह और खनन निरीक्षक अशोक कुमार के साथ अवैध रूप से कैद और दुर्व्यवहार के मामले में वांछित था।
जनता ने जफर को हिरासत से छुड़ाया
मुरादाबाद एसएसपी हेमंत कुटियाल ने कहा कि, भुल्लर, उसके पिता सुखबिंदर सिंह उर्फ छिन्दर सिंह और दो जानकार जगतार सिंह और सतनाम सिंह सत्ता का अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उत्तराखंड पुलिस के दावों का खंडन करते हुए, एसएसपी ने कहा कि मुरादाबाद पुलिस ने लगातार अपने समकक्षों को लूप में रखा है। उन्होंने कहा, जब मुरादाबाद पुलिस की टीम वहां पहुंची तो जफर को हिरासत में ले लिया गया। बाद में स्थानीय लोगों ने जफर को जबरन पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया।
मुरादाबाद रेंज डीआईजी का कहना
इससे पहले, मुरादाबाद रेंज के डीआईजी ने कहा कि, जफर और उनके सहयोगी उत्तराखंड सीमा पार कर गए थे, और उनका पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर रहे थे। हमारे पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, उनमें से दो को माफिया और उसके सहयोगियों द्वारा चलाई गई गोली लगी है। पथराव में तीन अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, अली और उसके सहयोगियों ने मुरादाबाद पुलिस के हथियार छीन लिए।
Published on:
14 Oct 2022 03:35 pm
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