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विधान परिषद चुनाव की 13 सीटों पर 26 अप्रैल को होगा मतदान, अखिलेश और नीतीश का कार्यकाल होने जा रहा खत्म

यूपी की राजनीति में विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव का नामांकन 9 अप्रैल से शुरू हो जाएगा।

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up vidhan parishad election 2018 will start on 26 april in up

लखनऊ. यूपी की राजनीति में एक बार फिर 13 सीटों के लिए चुनाव की सरगर्मी शुरू होने वाली है। विधान परिषद की 13 सीटों के लिए 26 अप्रैल को होने वाले चुनाव का नामांकन 9 अप्रैल से शुरू हो जाएगा। यूपी के साथ बिहार की विधान परिषद की 24 सीटें अगले माह मई 2018 में खाली होने जा रही हैं और इन सीटों को 6 मई से पहले ही भरा जाना है। इसके साथ ही ग्राम्य विकास राज्यमंत्री डॉ महेंद्र सिंह , वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत विधान परिषद के 13 सदस्यों का कार्यकाल 5 मई को पूरा समाप्त हो जाएगा। इनमें सात सीटें सपा की, दो बसपा की, दो भजपा की और एक राष्ट्रीय लोकदल की हैं। एक सीट अम्बिका चौधरी के इस्तीफे से पहले ही खाली हो चुकी है।

निर्वाचन आयोग ने चुनाव के कार्यक्रम किए घोषित

सोमवार को निर्वाचन आयोग ने विधान परिषद चुनाव के कार्यक्रम घोषित कर दिए हैं। विधान परिषद चुनाव की 9 अप्रैल को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। 17 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी और 19 अप्रैल तक नामांकन वापस लिए जा सकते हैं। 26 अप्रैल को शाम 5 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग ने बताया है कि हर 2 साल पर होने वाले विधान परिषद के चुनाव में वर्ष 2018 में यूपी से 13 और बिहार से 11 सीटें खाली होने जा रही हैं। यूपी में 13 सदस्यों का कार्यकाल 5 मई को खत्म हो जाएगा जबकि बिहार में 6 मई को खत्म होगा।

विधान परिषद की इन सीटों में ये लोग भी हैं शामिल

विधान परिषद की इन सीटों में कुछ बेहद बड़े नाम शामिल हैं। बिहार में मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के अलावा यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस साल रिटायर होने वाली लिस्ट में शामिल हो चुके हैं। फिर से चुने जाने के लिए बिहार में मुख्यमंत्री नीतिश और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की राह में कोई बाधा नहीं होगी, वहीं स्थिति अखिलेश के साथ भी है। इन लोगों के फिर से चुने जाने की संभावना बन सकती है।

यूपी विधान परिषद में शामिल 13 सदस्य

यूपी के विधान परिषद में शामिल 13 सदस्यों में अखिलेश के अलावा अंबिका चौधरी, उमर अली खान, मोहसिन रजा, नरेश चंद्र उत्तम, मधु गुप्ता, डॉक्टर महेंद्र कुमार सिंह, चौधरी मुश्ताक, राजेंद्र चौधरी, राम सकल गुर्जर, डॉक्टर विजय यादव, सुनील कुमार और डॉक्टर विजय प्रताप हैं।

बिहार विधान परिषद में शामिल 11 सदस्य

वहीं दूसरी ओर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार का भी कार्यकाल इसी समय खत्म होने जा रहा है। बिहार से नीतिश के अलावा उपेंद्र प्रसाद, चंद्रेश्वर प्रसाद, मंगल पांडे, राबड़ी देवी, राज किशोर सिंह कुशवाहा, लाल बाबू प्रसाद, सत्येंद्र नारायन सिंह, संजय सिंह और सुशील कुमार मोदी भी शामिल हैं। जबकि एमएलसी नरेंद्र सिंह को 2016 में ही अयोग्य करार दिया गया था, जिनका समय भी 6 मई को पूरा हो जाएगा।

किस पार्टी को पास कितने निर्दलीय विधायक

विधानसभा में बीजेपी के 324, सपा के 47, बसपा के 19, कांग्रेस के 7, रालोद का 1 और 4 निर्दलीय विधायक हैं। जेल में बंद बसपा विधायक मुख़्तार अंसारी और सपा विधायक हरिओम यादव के मताधिकार पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। राज्य सभा में क्रॉस वोटिंग के आरोप में बसपा विधायक अनिल सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया। रालोद ने भी अपने एकलौते विधायक सहेंद्र रामाला को निष्कासित किया। ऐसे में सपा, बसपा और कांग्रेस के पास 70 विधायकों का वोट है। वहीं बीजेपी के पास 311, अपना दल एस के पास 9 और भाजपा के चार मत सहित बीजेपी गठबंधन के पास 324 मत हैं।

जिताने के लिए इतने मतों की आवश्यकता

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की एक सीट के लिए 29 विधायकों के मतों की आवश्यकता होगी। बीजेपी को 11 विधायक जिताने के लिए 319 मतों की आवश्यकता है। जबकि भाजपा के पास 324 मत हैं। सपा, बसपा और कांग्रेस को बाकी बचे दो सदस्यों को जिताने के लिए 58 मतों की आवश्यकता होगी। जबकि उसके पास केवल 70 मत ही हैं।