
उत्तर प्रदेश विधान सभा में सोमवार को राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देने के लिए एक प्रस्ताव लाया गया। इस प्रस्ताव का समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यों ने विरोध किया। जिसका विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने संज्ञान लेते हुए प्रस्ताव को पारित घोषित कर दिया।
राज्य विधान सभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव का विरोध करने वालों में लालजी वर्मा, मनोज पारस और स्वामी ओमवेश शामिल हैं।
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव
संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 20224-2025 के लिए राज्य का बजट पेश करने के बाद विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया था। अदालत में लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या धाम में राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि यह सदी की सबसे बड़ी घटना है। अयोध्या में राम मंदिर कई विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
कांग्रेस न तो इस प्रस्ताव का समर्थन करती है और न ही इसका विरोध: आराधना मिश्रा
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने कहा कि उनकी पार्टी न तो इस प्रस्ताव का समर्थन करती है और न ही इसका विरोध करती है। “राज्य सरकार को प्रस्ताव लाने की कोई आवश्यकता नहीं थी। वहीं, सीएलपी नेता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को इसका श्रेय नहीं लेना चाहिए।
Updated on:
06 Feb 2024 11:58 am
Published on:
06 Feb 2024 11:57 am
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
