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UPTET का सेंटर बनने से स्कूल कर रहे आनाकानी

यूपी टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूपीटीईटी 2017) परीक्षा का आयोजन आगामी 15 अक्टूबर को होना है

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लखनऊ. यूपी टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (यूपीटीईटी 2017) परीक्षा का आयोजन आगामी 15 अक्टूबर को होना है लेकिन इसके लिए राजधानी लखनऊ के कई स्कूल सेंटर बनने को राजी नहीं है। कई परीक्षा केंद्र पहले से ही एग्जाम के लिए बुक हो गए हैं। वहीं कुछ परीक्षा केंद्र आनाकानी कर रहे हैं। परीक्षा केंद्र की सूची भेजने की समय सीमा समाप्त हो गई है और कॉलेजों ने अभी तक विभाग को सहमति पत्र नहीं सौंपा है।

बता दें कि टीईटी के लिए लगभग 35000 अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें जूनियर के लिए करीब 26000 और प्राइमरी के लिए लगभग 9,500 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इतनी संख्या में अभ्यथियों के बैठने के लिए राजधानी में 50 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाना प्रस्तावित है। लेकिन जय नारायण, नवयुग गर्ल्स, करामत को बार-बार डीआईओएस कार्यालय से फोन किया जा रहा है, बावजूद इसके सहमति पत्र नहीं दे रहे हैं। वहीं अधिकतर महिला कॉलेज परीक्षा केंद्र बनाने के लिए राजी नहीं हैं।

प्रत्येक परीक्षा केंद्र को कम से कम 400 से 500 अभ्यर्थी आवंटित किए जाने हैं। इलाहाबाद स्थित परीक्षा नियामक प्राधिकरण को परीक्षा केंद्रों की सूची भेजने की अंतिम तारीख 18 सितंबर थी, लेकिन पर्याप्त विद्यालय न मिलने की वजह से विभाग सूची नहीं भेज पाया है।

कई बड़े स्कूलों में उस दिन आईबी की परीक्षा भी है। जानकारी के अनुसार करीब 15 विद्यालयों को इस परीक्षा के लिए केंद्र बनाया जा चुका है। परीक्षा केंद्र बनाने का जिम्मा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पास है।

केवल शहरी क्षेत्र के राजकीय और अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाना है। ऐसे में विभाग के सामने परीक्षा केंद्र को लेकर स्कूलों का टोटा हो गया है।
ब्वॉयज एंग्लो, क्वींस एंग्लो, एपी सेन मेमोरियल, अमीनाबाद इंटर कॉलेज, कालीचरण इंटर कॉलेज, सेंटीनियल इंटर कॉलेज में छात्रों के बैठने की क्षमता ज्यादा है। लेकिन ये केंद्र आईबी की परीक्षा के लिए बुक हैं।

शिक्षा मित्रों के लिए मौका

शिक्षा मित्रों के समायोजन रद्द होने के बाद उनके पास भी टीईटी परीक्षा पास कर सहायक अध्यापक बनने का मौका है। शिक्षामित्र इन दिनों खुद पढ़ाई में जुटे हुए हैं और टीईटी की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह मोटी फीस भरने से भी नहीं कतरा रहे हैं। इन दिनों जहां कोचिंग सेंटर्स शिक्षामित्रों को टीईटी की पढ़ाई करवाने में लग गये हैं ,वहीं कुछ शिक्षामित्र घर पर ही ट्यूटर से पढ़ रहे हैं।