
लोकसभा चुनाव में यूपी में शानदार प्रदर्शन करने वाले सपा-कांग्रेस के गठबंधन की अगली परीक्षा होगी। लोकसभा चुनाव के बाद सबकी निगाहें उपचुनाव पर टिक गई हैं। दरअसल लोकसभा चुनाव में कई ऐसे नेताओं ने चुनाव लड़ा था जो विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य थे। अब इन नेताओं ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब इन सीटों पर जल्द ही उपचुनाव होना तय है।
लोकसभा चुनाव के के जिस तरह के नतीजे सामने आए हैं उसके मुकाबिक उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर अब उपचुनाव होने हैं। प्रदेश की 9 विधानसभा और 1 विधान परिषद सीट पर अगले 6 महीने के भीतर उपचुनाव होगा। जिन 9 विधानसभा सीटों पर 4 पर सपा, 3 पर बीजेपी और 1-1 पर विधायक हैं।
इन 9 सीटों में पांच सीटें बीजेपी और आरएलडी-निषाद पार्टी के पास हैं। गाजियाबाद से विधायक अतुल गर्ग, हाथरस से विधायक अनूप वाल्मीकि, फूलपुर से प्रवीण पटेल, मझवां से विनोद बिंद और मीरापुर से विधायक चंदन चौहान अब सांसद बन चुके हैं। एनडीए के सामने चुनौती है कि कैसे वो अपनी ये पांच सीटें बचाएंगी।
लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर चंद्रशेखर नए दलित नेता के रूप में उभरे हैं। चंद्रशेखर अब विधानसभा उपचुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहे हैं। अगर चंद्रशेखर मैदान में अपने उम्मीदवार उतारते हैं तो ये भाजपा और सपा दोनों पार्टियों के लिए लिए मुसीबत बन सकता है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ ने बताया कि पार्टी ने विधानसभा उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सारे बूथ और सेक्टर कमेटियों को सक्रिय कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं में जोश है। उन्होंने बताया कि सभी सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी है। जहां-जहां चुनाव होने हैं वहां बैठकों का दौर जारी है। प्रदेश स्तर के नेता माहौल और समीकरण को समझ रहे हैं।
Updated on:
17 Jun 2024 01:03 pm
Published on:
17 Jun 2024 12:39 pm

