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यूपी में नई कांग्रेस कमेटी का गठन, अजय लल्लू बने प्रदेश अध्यक्ष, प्रियंका के पास यह बड़ी जिम्मेदारी, देखें- पदाधिकारियों की पूरी लिस्ट

- उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में 24 सचिव, 12 महासचिव और चार प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये हैं- विधानसभा उपचुनाव से पहले सोशल इंजीनियरिंग के सहारे कांग्रेस की नजर यूपी विजय पर

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Oct 07, 2019

Uttar Pradesh Congress Committee

विधानसभा उपचुनाव से पहले सोशल इंजीनियरिंग के सहारे कांग्रेस की नजर यूपी विजय पर

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में खोई सियासी जमीन को तलाशने में जुटी कांग्रेस ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। अजय कुमार लल्लू को कांग्रेस प्रदेश कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं, प्रियंका गांधी सलाहकार समिति की अध्यक्ष होंगी। कमेटी में 24 सचिव, 12 महासचिव और चार प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किये गये हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लगभग 45 फीसदी पिछड़ी जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। दलित आबादी का नेतृत्व करीब 20 फीसदी है। 15 फीसदी मुस्लिम हैं। 20 फीसदी सवर्ण जातियों का प्रतिनिधित्व है। पदाधिकारियों की औसत आयु 40 वर्ष है।

पिछली कांग्रेस कमेटी लगभग 500 लोगों की थी, लेकिन नई कमेटी लगभग 40-45 लोगों की है। नई कमेटी के हर पदाधिकारी की खास जिम्मेदारी और जबाबदेही पहले से तय है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में जहां युवाओं को कमान मिली है। तो दूसरी तरफ 18 वरिष्ठ नेताओं की सलाहकार समिति भी गठित की गई है। जिसकी अध्यक्षता स्वयं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी करेंगी। इसके अतिरिक्त एक 8 सदस्यीय रणनीति ग्रुप भी बनाया गया है जिसमें तेजतर्राक अनुभवशाली नेताओं को रखा गया है।

सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस
पार्टी आलाकमान जहां कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पिछड़ों को रिझाना चाहती है, वहीं विधायक आराधना मिश्रा के जरिये ब्राह्मण वोटरों को सहेजने की कोशिश है। आराधना मिश्रा को विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा यूपी कांग्रेस कमेटी में भी नये चेहरों को शामिल कर जातीय व सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है।

विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में बड़ा फेरबदल हुआ है। राजबब्बर को हटाकर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू को यूपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही आराधना मिश्रा को विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस पार्टी अब सोशल इंजीनियरिंग के सहारे कांग्रेस यूपी का समर जीतने की जुगत में है।

वैश्य समाज से आने वाले अजय कुमार लल्लू को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का बेहद करीबी नेता माना जाता है। लोकसभा चुनाव के बाद से यूपी में प्रियंका गांधी के बाज वह अजय लल्लू ही थे, जो हर मौके पर सरकार को घेरते नजर आये। फिर चाहे वह सोनभद्र नरसंहार कांड हो या फिर दो अक्टूबर को लखनऊ में कांग्रेसियों को द्वारा निकाली गई मौन पदयात्रा। इन सभी मौकों पर अजय कुमार लल्लू हर वक्त प्रियंका गांधी के साथ कदमताल करते नजर आये।

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कौन हैं अजय कुमार लल्लू?
अजय कुमार लल्लू उत्तर प्रदेश के कुशीनगर की तमकुहीराज विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के जगदीश मिश्र को हराया था। वर्तमान में अजय कुमार लल्लू यूपी विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता हैं। छात्र राजनीति और कई सामाजिक मुद्दों पर जेल जा चुके अजय कुमार लल्लू को सवर्णों के खिलाफ राजनीति करने वाले नेता के तौर पर जाना जाता है। लल्लू के बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्हें कांग्रेस नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर वोट मिलते हैं। इसके अलावा कांग्रेस में उनकी पहचान जमीनी नेता की है, दूसरों की तरह वह दिल्ली की परिक्रमा कम करते हैं।

कौन हैं आराधना मिश्रा
आराधना मिश्रा जिन्हें मोना मिश्रा के नाम से भी जाना जाता है, वर्तमान में वह प्रतापगढ़ जनपद की वि‍धानसभा क्षेत्र रामपुर खास से कांग्रेस की विधायक हैं। आराधना कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी की पुत्री हैं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस पार्टी की नजर आराधना मिश्रा के जरिये ब्राह्मण वोटर्स पर है।