
नये चक्रानुक्रम के अनुसार, बीते पंचायत चुनाव में किसी ग्राम पंचायत का मुखिया सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी का है तो इस बार आरक्षित वर्ग (एससी-एसटी) का हो जाएगा
लखनऊ. उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही आरक्षित/अनारक्षित पंचायतों की सूची जारी हो सकती है, जिसके मुताबिक, वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में जो पंचायत जिस जिस वर्ग के लिए आरक्षित हुई थी, इस बार वह उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होगी। उदाहरण के लिए अगर बीते पंचायत चुनाव में किसी ग्राम पंचायत का मुखिया सामान्य (अनारक्षित) श्रेणी का है तो इस बार आरक्षित वर्ग (एससी-एसटी) का हो सकता है। इसी प्रकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जाति महिला, अनारक्षित, महिला, अन्य पिछड़ा वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग महिला, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जनजाति महिला के वर्गों में नए सिरे से आरक्षण तय किया जाएगा। नये चक्रानुक्रम के अनुसार ही पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति तय की जाएगी। ग्राम पंचायतों में आरक्षण की लिस्ट अगस्त के आखिर तक आ सकती है। उत्तर प्रदेश में कुल 59,163 ग्राम पंचायतें हैं।
पंचायती राज विभाग, उत्तर प्रदेश आरक्षण में बदलाव चक्रानुक्रम के अनुसार करता है। इसके तहत नये आरक्षण का निर्धारण चुनाव से तीन महीने पहले किया जाता है। चूंकि संभव है कि इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर में पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो सकती है, जिसका मतलब है कि आरक्षण का निर्धारण जुलाई-अगस्त तक पूरा हो जाये।
Updated on:
18 Feb 2020 03:28 pm
Published on:
18 Feb 2020 03:23 pm
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