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Video: होमगार्ड विभाग को 55 साल बाद मिला अपना शौर्य प्रतीक, पूर्व सरकारों के लिए ये बोलें मंत्री

होमगार्ड विभाग के स्थापना दिवस समारोह में राज्य सरकार द्वारा औपचारिक रूप से मिला ध्वज।

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लखनऊ

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Dhirendra Singh

Dec 13, 2017

Home Guard Department Flag

Home Guard Department Flag

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के होमगार्ड विभाग ने आज अपना स्थापना दिवस समारोह व्यवस्थित ढंग से मनाया। इस दौरान प्रदेश भर से आए जवानों ने बेहतरीन पेरड का प्रदर्शन किया। इस समारोह में विभाग को गठन के 55 सालों के लंबे इंतजार के बाद अपने स्वाभिमान और शौर्य का प्रतीक प्राप्त हुआ। दरअसल होमगार्ड विभाग को मंगलवार के दिन पहली बार राज्य सरकार की तरफ से औपचरिक रुप से झंडा (ध्वज) प्रदान किया गया। इस पहचान को पाने के लिए विभाग लंबे समय से विभिन्न सरकारों में इंतजार करता रहा।

शौर्य के प्रतीक के लिए 55 सालों का इंतजार
होमगार्ड विभाग की स्थापना 6 दिसंबर 1962 में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण के बाद भारत सरकार के निर्देशानुसार हुआ था। लेकिन 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचे की घटना के कारण विभाग अपना स्थापना दिवस समारोह नहीं मनाता। ऐसे में बुधवार को होमगार्ड मुख्यालय लखनऊ में स्थापना दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम के दौरान पहली बार 55 सालों के लंबे इंतजार के बाद राज्य सरकार की ओर से मंत्री अनिल राजभर ने औपचारिक तौर पर होमगार्ड विभाग को स्वाभिमान और शौर्य का प्रतीक लाल व काले रंग का ध्वज (झंडा) सौंपा।
संजीव कुमार शुक्ल, कमांडेंट केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान ने बताया कि होमगार्ड विभाग को अथक प्रयासों के बाद औपचारिक रुप से राज्य सरकार द्वारा ध्वज प्रदान किया गया है। राज्य मंत्री अनिल राजभर ने परेड कमांडर शैलेंद्र प्रताप सिंह (जिला कमांडेंट, मंडलीय प्रशिक्षण, इलाहाबाद) को ध्वज प्रदान किया।

ड्यटी न मिलने की समस्याएं हो रही खत्म
ड्यूटी मिलने की समस्या खत्म हो गई है। विभाग के अधिकारियों ने मिलकर शासन स्तर पर प्रयास किया और अब होमगार्ड को ड्यूटी न मिलने की समस्या खत्म हो रही है। इसी का असर है कि हाल में 25 हजार जवानों के लिए ड्यटी उपलब्ध कराई गई। हमारी सरकार में होमगार्ड के असंतोष के कारण को विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मेरा बस चले तो अनय राज्यों से ज्यादा इस विभाग के होमगार्डों का वेतन कर दूं। उन्होंने जवानों से कहा कि विश्वास बनाए रखिए, हम प्रयास में लगे हुए हैं। वहीं इस दौरान राज्य मंत्री अनिल राजभर व डीजी होमगार्ड सूर्य कुमार ने विभाग में तैनात रहे शहीदों की विधवाओं को सहायता राशि प्रदान की।

राज्य मंत्री का पिछली सरकारों पर हमला
योगी सरकार में राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि पिछली सरकारों ने विभाग की स्थापना दिवस की परेडों को भी स्थगित करा दिया था। 15 सालों में सरकार के खजाने की क्या स्थिति रही है, यह किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने पूर्व की सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि इतने सालों में उन्हें ध्यान नहीं रहा कि इस विभाग को आज तक औपचारिक रुप से उनका शौर्य यानी ध्वज नहीं दिया गया है।

प्रदर्शनी का किया उद्घाटन किया
राज्य मंत्री अनिल राजभर ने होमगार्ड स्थापना दिवस की परेड और प्रदर्शनी की पुरानी परम्परा को फिर जीवत किया। उन्होंने परेड की सलामी लेने के बाद प्रदर्शनी की उद्घाटन किया। इसके बाद प्रदर्शनी में एनडीआरएफ से लेकर तमाम स्टॉल का निरीक्षण किया।

होमगार्ड के इंस्पेक्टर को शाबाशी-

राज्यमंत्री अनिल राजभर ने अपने भाषण के दौरान होमगार्ड विभाग के इंस्पेक्टर बिनोद कुमार सिंह की तारीफ की। बिनोद कुमार सिंह ने हाल में आत्महत्या के लिए गोमती नदी में कूदे एक ग्राम विकास अधिकारी को गोताखोरों के साथ मिलकर डूबने से बचाया। वहीं फरवरी माह में उन्होंने एक 30 वर्षीय महिला को इसी तरह बचाया था।