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मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना में हुए बड़े बदलाव, 5 लाख तक की मिलेगी मदद, स्कीम का ऐसे लें लाभ

Mukhyamantri Kisan evam Sarvhit Bima Yojana का इन्हें मिलेगा लाभ, देने होंगे यह जरूरी दस्तावेज

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Jan 04, 2020

Mukhyamantri Kisan evam Sarvhit Bima Yojana

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीमा योजना के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

लखनऊ. मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना (Mukhyamantri Kisan evam Sarvhit Bima Yojana) का लाभ अब केवल खाताधारक किसानों को ही नहीं, बल्कि बटाईदार किसानों और उनके बालिग आश्रितों को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीमा योजना के विस्तार से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसा पहली बार होगा कि किसान बीमा योजना में बटाईदार किसानों के अलावा बालिग आश्रित भी शामिल होंगे। राजस्व विभाग ने सीएम के सामने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना का प्रस्तुतीकरण दिया, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कुछ और जरूरी दिशा-निर्देश दिये। कहा कि इस योजना का लाभ हर किसान परिवार को तय समय में मिले। इसके लिए प्रक्रिया को और सरल व पारदर्शी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत दुर्घटना के दायरे का भी विस्तार होगा। इसमें सड़क व अन्य तरह की दुर्घटनाओं के अलावा आंधी-तूफान, भूस्खलन में होने वाली मौत भी योजना के दायरे में आएगी। इस योजना का लाभ लाभार्थियों को 45 दिनों के भीतर देना होगा। साथ ही दावे के एक माह के भीतर किसान के खाते में ऑनलाइन भुगतान कर दिया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में संबंधित जिले के डीएम एक माह का अतिरिक्त समय दे सकेंगे। इसके लिए राजस्व विभाग ने सीएम योगी को तीन माह के भीतर ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने का निर्देश दिया है। हालांकि, मैनुअल आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।

क्या है मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना की शुरुआत की है। पहले इस योजना का नाम 'समाजवादी किसान एवं सर्वहित बीमा योजना' था। बीजेपी सरकार में इसका नाम 'मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना' कर दिया। योजना का मकसद राज्य के किसानों और कमजोर वर्ग के लोगों को वित्तीय और सामाजिक सहायता मुहैया कराना है। इनमें भूमिहीन किसान, छोटे दुकानदार और गरीब वर्ग के लोग शामिल हैं। किसान बीमा योजना के तहत किसानों को ढाई लाख रुपए तक के किसानों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है। अधिकतम धनराशि की सीमा पांच लाख रुपए है। योजना के तहत लाभार्थी को बीमा केयर कार्ड जारी किए जाते हैं। मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत अस्पताल में इलाज का खर्च पहले लाभार्थी को खुद उठाना पड़ता है। इलाज की रकम बाद में उसके खाते में डाली जाती है।

पांच लाख तक की आर्थिक सहायता
दुर्घटना के कारण मौत, स्थाई व अस्थायी विकलांगता की स्थिति में योजना के तहत लाभार्थी को पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाता है। इसमें ढाई लाख रुपये तक फ्री इलाज की सुविधा दी जाती है। सांप काटने या फिर किसी जंगली जानवर के नुकसान पहुंचाने की सूरत में भी इस योजना का लाभ मिलता है। दुर्घटना के दौरान बीमित व्यक्ति का कोई अंग खराब हो जाने पर उसे एक लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना की खास बात यह है कि अगर बीमित व्यक्ति की दुर्घटना प्रदेश से बाहर हुई तो भी उसका क्लेम पास कर दिया जाएगा।

आवेदन करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
- परिवार की सालाना आमदनी 75 हजार रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए
- लाभार्थियों को उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आवेदकों की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए

जरूरी दस्तावेज
- वार्षिक आय प्रमाण पत्र (बीपीएल परिवार के लिए आय प्रमाण पत्र देना जरूरी नहीं)
- आयु प्रमाण पत्र
- परिवार के मुखिया का आयु प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड
- बैंक खाते की डिटेल (अकाउंट नंबर, आइएफएससी कोड)
- आधार कार्ड

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