23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पूरे यूपी में आज आधी रात से महंगा होगा सफर, जानें कितना बढ़ेगा एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स

आज आधी रात यानि 1 अप्रैल से पूरे उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेस वे पर सफर करना महंगा हो जाएगा। जानिए किसको मिलेगी राहत?
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

लखनऊ

•

image

Namrata Tiwary

•

Updated: 31 Mar 2026, 2:33 PM IST

Expressway

Expressway

उत्तर प्रदेश में रहने वाले और यहां के रास्तों से सफर करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। अगर आप आज रात 12 बजे के बाद अपने वाहन से बाहर निकलने वाले हैं तो अपनी जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहिए। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने टोल टैक्स की दरों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल की रात यानी आज रात 00:00 बजे से लागू हो जाएंगी।

5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक की बढ़ोतरी

NHAI ने जो वार्षिक संशोधन किए हैं उसके बाद अब नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर करना महंगा हो गया है। जानकारी के मुताबिक, अलग-अलग वाहनों की कैटेगरी के हिसाब से टोल की कीमतों में 5 रुपये से लेकर 45 रुपये तक का इजाफा किया गया है। इसका सबसे ज्यादा असर मेरठ, दिल्ली और गाजियाबाद के बीच सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

इन रास्तों पर पड़ेगा असर

नए फैसले के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत प्रदेश के प्रमुख मार्गों पर सफर का खर्च बढ़ जाएगा। सराय काले खां से मेरठ वाले रूट पर यात्रियों को पहले के मुकाबले अधिक भुगतान करना होगा। मेरठ से बुलंदशहर हाईवे पर भी प्राइवेट कार और कमर्शियल वाहनों (बस-ट्रक) के लिए टैक्स बढ़ा दिया गया है। मेरठ-नजीबाबाद मार्ग से गुजरने वाले लोगों की जेब पर भी अब अतिरिक्त भार बढ़ेगा।

किसे मिलेगी राहत?

टोल की कीमतें बढ़ने के बावजूद एक राहत भरी खबर भी है। NHAI के अनुसार, यह बढ़ी हुई दरें उन लोगों पर लागू नहीं होंगी जिनके पास मासिक (Monthly) या वार्षिक (Yearly) पास है। यानी अगर आपने पहले से पास बनवा रखा है तो आपको पुरानी दरों पर ही सफर करने की सुविधा मिलती रहेगी। उनके लिए फिलहाल कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

गाड़ियों के हिसाब से तय होंगे दाम

बता दें कि टोल टैक्स में यह बढ़ोतरी सभी गाड़ियों के लिए एक समान नहीं है। छोटी प्राइवेट कारों के लिए जहां मामूली बढ़ोतरी हुई है वहीं बड़े कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रक और बसों के लिए 45 रुपये तक की वृद्धि की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो हर साल नियमों के मुताबिक की जाती है।