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UP Education Policy: बेसिक शिक्षा में बड़ा बदलाव: 96% स्कूलों में सुविधाएं, 20 हजार नई भर्तियों की तैयारी

UP Schools: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में सुधार को बड़ी उपलब्धि बताते हुए 20 हजार नई भर्तियों, बढ़े मानदेय और शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की घोषणा की।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 17, 2026

मुख्यमंत्री योगी बोले- बच्चों को छुई-मुई नहीं, मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

मुख्यमंत्री योगी बोले- बच्चों को छुई-मुई नहीं, मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Basic Education: उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में पिछले कुछ वर्षों में हुए बदलावों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “नई शैक्षिक क्रांति” करार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है और इसी क्रम में बेसिक शिक्षा परिषद में 20 हजार नए शिक्षक एवं अनुदेशकों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री लोक भवन सभागार में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग के 24,717 अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह एवं बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों के सम्मान, बच्चों के सर्वांगीण विकास और विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, बच्चों में अनुशासन विकसित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में व्यापक कार्य कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों को “छुई-मुई” बनाकर नहीं, बल्कि मजबूत, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाकर ही विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

20 हजार नई भर्तियों की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा आयोग के गठन के बाद शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया गया है। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद में 10 हजार नए शिक्षकों का अधियाचन भेजा जा चुका है। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नए अनुदेशकों की नियुक्ति भी जल्द शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि इन भर्तियों से छात्र-शिक्षक अनुपात बेहतर होगा और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देना चाहती।

2011 से 2022 तक नहीं बढ़ा था मानदेय

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अंशकालिक अनुदेशकों की समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011-12 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति की गई थी। उस समय उन्हें मात्र 7 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2011 से लेकर 2022 तक इनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में अनुदेशक महासंघ के साथ हुई बैठक में उन्होंने स्वयं मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव मांगा था, लेकिन चुनावी अधिसूचना के कारण निर्णय नहीं हो पाया। वर्ष 2022 में सरकार ने 2 हजार रुपये की वृद्धि की, लेकिन सरकार स्वयं भी इससे संतुष्ट नहीं थी। अब प्रदेश सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है।

5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार केवल मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुदेशकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने घोषणा की कि सभी अनुदेशकों और उनके परिवारों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। इसके लिए सभी अनुदेशकों को बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले सप्ताह बड़े समारोह में स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति देश की शिक्षा की नींव मजबूत कर रहा है, उसे सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलना ही चाहिए।

शिक्षामित्रों और कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.43 लाख शिक्षामित्रों, 24,296 अनुदेशकों तथा बेसिक शिक्षा से जुड़े अन्य कर्मचारियों को सामाजिक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं भी इससे जुड़ी होंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने वर्ष 2019 में महिला अनुदेशकों को छह माह का पूर्ण मानदेय सहित मातृत्व अवकाश दिया था। इसके अलावा वर्ष 2023 में 4 हजार से अधिक अनुदेशकों को स्वेच्छा से विद्यालय परिवर्तन की सुविधा भी दी गई।

96 प्रतिशत विद्यालयों में पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब वर्ष 2017 में उनकी सरकार बनी थी, तब बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों की स्थिति बेहद खराब थी। कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं तक का अभाव था।

उन्होंने कहा कि सरकार ने “स्कूल चलो अभियान” और “ऑपरेशन कायाकल्प” के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार शुरू किया। आज परिणाम यह है कि प्रदेश के 96 प्रतिशत बेसिक विद्यालयों में शौचालय, पेयजल, बिजली, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग ने भी “ऑपरेशन कायाकल्प” को देश के सामने सफलता की कहानी के रूप में प्रस्तुत किया है।

ड्रॉपआउट दर में भारी कमी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले बेसिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट दर 17 से 18 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन सरकार के प्रयासों के कारण अब यह घटकर लगभग 3 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ड्रॉपआउट दर को शून्य तक पहुंचाना है ताकि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसके लिए धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जा रही है।

बच्चों की प्रतिभा पहचानने की जरूरत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चा किसी न किसी प्रतिभा के साथ जन्म लेता है। कोई खेल में अच्छा होता है, कोई विज्ञान में, तो कोईकला में। उन्होंने शिक्षकों और अनुदेशकों से अपील की कि वे बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को दबाने की नहीं, बल्कि प्रेरित करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री ने अनुशासन, समय पालन और स्वच्छता को शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों में जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना जरूरी है।

“बच्चों को छुई-मुई न बनाएं”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा संरक्षण देकर कमजोर नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “बच्चों को छुई-मुई न बनाएं। उन्हें मजबूत, अनुशासित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है।” 

मुख्यमंत्री ने मीडिया से भी अपील की कि यदि बच्चे श्रमदान या स्वच्छता अभियान में भाग लेते दिखाई दें, तो उसे नकारात्मक रूप में प्रस्तुत न किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षकों को दंडित नहीं, बल्कि सम्मानित किया जाना चाहिए जो बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता की भावना विकसित कर रहे हैं।

समय पर मिलेंगी पुस्तकें

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस बार विद्यार्थियों को समय पर पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बच्चे स्कूल के वातावरण से जुड़ें और पढ़ाई के साथ खेलकूद एवं अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करें।

अटल आवासीय विद्यालय और मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों और निराश्रित बच्चों के लिए 18 अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए गए हैं, जहां लगभग 18 हजार बच्चों के रहने और पढ़ाई की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में दो-दो मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से 12वीं तक आधुनिक शिक्षा, खेलकूद और स्किल डेवलपमेंट की सुविधाएं मिलेंगी।

गरीब बेटियों की सफलता से प्रेरित सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को 8वीं से 12वीं तक अपग्रेड किया जा रहा है। अब प्रदेश के सभी 825 विकास खंडों में एक-एक कस्तूरबा विद्यालय स्थापित करने के लिए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों की सफलता सरकार को नई ऊर्जा और प्रेरणा देती है।

“कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रहा तो समाज को भुगतना पड़ेगा”

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित रह जाता है, तो उसका नुकसान केवल परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश शिक्षा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और उत्तर प्रदेश भी इस दिशा में नई मिसाल कायम कर रहा है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, एमएलसी इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक डॉ. नीरज बोरा तथा अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्य बातें 

  • .20 हजार नए शिक्षक और अनुदेशक भर्ती की तैयारी
  • .अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह
  • . 5 लाख तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा मिलेगा
  • .96% बेसिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध
  • .ड्रॉपआउट दर 18% से घटकर 3% हुई
  • .सीएम बोले- बच्चों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी