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Yogi Cabinet में बड़ा उलटफेर, नए मंत्रियों की एंट्री से पुराने दिग्गजों के बदले विभाग

Yogi Government ने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए नए मंत्रियों को अहम विभाग सौंपे हैं, जबकि कई पुराने मंत्रियों से महत्वपूर्ण विभाग वापस लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन साधा गया।
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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 18, 2026

नए मंत्रियों को मिले अहम विभाग और जिम्मेदारियां (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

नए मंत्रियों को मिले अहम विभाग और जिम्मेदारियां (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Yogi Cabinet Reshuffle: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखने को मिला है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए मंत्रियों को विभागों का आवंटन कर दिया है, वहीं कई पुराने मंत्रियों के विभागों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

सबसे ज्यादा चर्चा कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और मंत्री दयालु मिश्र के विभागों में हुए बदलाव को लेकर हो रही है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रह चुके भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग सौंपे जाने को भी बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

भूपेंद्र चौधरी को मिला MSME विभाग

योगी सरकार में नए कैबिनेट मंत्री बने भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग प्रदेश की औद्योगिक और रोजगार नीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार लगातार MSME सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), स्टार्टअप नीति और छोटे उद्योगों के विस्तार को लेकर सरकार की कई योजनाएं पहले से चल रही हैं। भूपेंद्र चौधरी को यह विभाग देकर सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और व्यापारिक वर्ग को साधने की कोशिश की है।

मनोज पांडेय को मिला खाद्य एवं रसद विभाग

बाराबंकी के लोकप्रिय राज्यमंत्री सतीश शर्मा के विभाग में परिवर्तन किया गया है, जबकि खाद्य एवं रसद विभाग, जो अब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास था, उसे नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को आवंटित कर दिया गया है।

राकेश सचान से हटाया गया अहम विभाग

कैबिनेट फेरबदल में सबसे बड़ी चर्चा कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के विभागों को लेकर रही। सरकार ने उनसे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग वापस ले लिया है। अब उनके पास केवल खादी ग्रामोद्योग, रेशम एवं हथकरघा विभाग ही बचा है। राजनीतिक हलकों में इसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है। MSME विभाग प्रदेश में निवेश और रोजगार से जुड़ा अत्यंत प्रभावशाली विभाग माना जाता है। ऐसे में इस विभाग का राकेश सचान से हटना कई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है।

दयालु मिश्र के पास अब केवल आयुष विभाग

मंत्री दयालु मिश्र के विभागों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब उनके पास केवल आयुष विभाग ही बचा है, जबकि उनके अन्य विभाग राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अजीत सिंह पाल को सौंप दिए गए हैं। राजनीतिक सूत्रों  का कहना है कि सरकार विभागों में कार्यक्षमता बढ़ाने और जिम्मेदारियों को नए सिरे से तय करने की कोशिश कर रही है।

अजीत सिंह पाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी

अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। यह विभाग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, दवाओं की निगरानी और मिलावटखोरी रोकने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों से जुड़ा है। प्रदेश में लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली दवाओं के खिलाफ अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे में यह विभाग बेहद संवेदनशील माना जाता है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग में नई नियुक्ति

सरकार ने पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग में भी नई जिम्मेदारी तय की है। इस विभाग में कृष्णा पासवान को राज्यमंत्री बनाया गया है, जबकि विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह बने रहेंगे। पशुपालन और दुग्ध विकास उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार इस क्षेत्र में रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने पर लगातार जोर दे रही है।

ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी कैलाश सिंह राजपूत को

कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग सौंपा गया है। ऊर्जा विभाग प्रदेश के सबसे अहम विभागों में से एक माना जाता है। बिजली आपूर्ति, सौर ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा परियोजनाओं की जिम्मेदारी इसी विभाग के अधीन होती है। गर्मी के मौसम में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए इस विभाग की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।

सुरेंद्र दिलेर को मिला राजस्व विभाग

सुरेंद्र दिलेर को राजस्व विभाग सौंपा गया है। राजस्व विभाग भूमि विवाद, सरकारी जमीन, भू-अभिलेख और प्रशासनिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रदेश सरकार भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण और डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्था को मजबूत करने पर काम कर रही है।

सोमेन्द्र तोमर को सैनिक कल्याण विभाग

सोमेन्द्र तोमर को राजनैतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। यह विभाग पूर्व सैनिकों, सुरक्षाकर्मियों और प्रांतीय रक्षक दल से जुड़े मामलों की देखरेख करता है। सरकार इसे सामाजिक और सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग मानती है।

हंस राज विश्वकर्मा को भी मिली जिम्मेदारी

हंस राज विश्वकर्मा को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में जिम्मेदारी दी गई है। सरकार MSME सेक्टर को और मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। माना जा रहा है कि विभाग में नई टीम के जरिए औद्योगिक योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश

विशेषज्ञों का मानना है कि विभागों का यह फेरबदल केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति का हिस्सा भी है। योगी सरकार ने क्षेत्रीय, सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए विभागों का आवंटन किया है। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का बड़ा चेहरा माने जाते हैं, जबकि अन्य नेताओं को भी उनके क्षेत्रीय प्रभाव और राजनीतिक अनुभव के आधार पर जिम्मेदारियां दी गई हैं।

आगामी चुनावों से जोड़कर देखे जा रहे फैसले

राजनीतिक विश्लेषक नीरज  का मानना है कि यह फेरबदल आगामी चुनावों की तैयारी का हिस्सा भी हो सकता है। सरकार विकास, रोजगार, बिजली, ग्रामीण विकास और राशन व्यवस्था जैसे मुद्दों पर तेजी से काम करना चाहती है। ऐसे में महत्वपूर्ण विभागों में नए चेहरों को मौका देना राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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