
अकादमी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए राष्ट्रीय और अन्य प्रदेश स्तर के पुरस्कार दिये जाते हैं
लखनऊ. उर्दू अकादमी (Urdu Academy) प्रतिवर्ष करीब 40 लाख रुपए के साहित्यिक पुरस्कार वितरित करता है। यह पुरस्कार सिर्फ ऊर्दू लेखन पर ही मिलते हैं। उपन्यास, ड्रामा, हास्य, काल्पनिक, बाल साहित्य, आलोचना, मेडिकल, पत्रकारिता, रिसर्च, व्यंग्य, आत्मकथा, जीवनी आदि विधाओं में यह पुरस्कार दिए जाते हैं। अकादमी की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए राष्ट्रीय और अन्य प्रदेश स्तर के पुरस्कार दिये जाते हैं। आवदेकों के लिए जरूरी है कि वे लंबे समय से ऊर्दू भाषा की सेवा कर रहे हों। पूर्व में उनकी किताबें छप चुकी हों और लेख भी पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हों।
ऊर्दू अकादमी की ओर से सबसे बड़ा दिया जाने वाला पुरस्कार 5 लाख रुपए का है, जो राष्ट्रीय स्तर का होता है। यह लाइफ टाइम अचीवमेंट के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के आवेदन के लिए अनिवार्य शर्त है कि आवेदक कम से कम 25 वर्षों से ऊर्दू साहित्य की सेवा कर रहा हो। इसके अलावा भी अकादमी को ओर से कई राज्य स्तरीय पुरस्कार दिये जाते हैं जिनमें पुरस्कार राशि एक लाख रुपए से दो लाख रुपए तक है। मुंशी प्रेमचंद्र पुरस्कार के लिए एक लाख रुपए और अमीर खुसरो के नाम दिये जाने वाले पुरस्कार की राशि 1.5 लाख रुपए है। इनके अलावा छोटे-छोटे पुरस्कारों की अलग-अलग कैटेगरी में पुरस्कार राशि 10, 15, 20 और 25 हजार है।
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पुरस्कार के लिए आवेदन ऑफलाइन होगा, जिसका नोटिफिकेशन प्रतिवर्ष जारी किया जाता है। वित्तीय वर्ष के लिए उर्दू अकादमी 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक के लेखन पर पुरस्कार देता है। आवदेकों को हर हाल में 15 जनवरी तक आवेदन करना अनिवार्य है। सात ज्यूरी सदस्य पुरस्कृत होने वाली पुस्तक को चुनते हैं। आवेदकों को आवेदन के समय 8 पुस्तकें शामिल करनी होंगी।
Updated on:
12 Aug 2020 06:17 pm
Published on:
12 Aug 2020 06:14 pm
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