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ऊर्दू अकादमी प्रतिवर्ष देता है ‘मुंशी प्रेमचंद अवार्ड’, एक लाख है पुरस्कार राशि, जानें- नियम व शर्तें

- Urdu Academy प्रतिवर्ष करीब 40 लाख रुपए के साहित्यिक पुरस्कार वितरित करता है
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 11 Aug 2020, 5:10 PM IST

पुरस्कार के लिए सिर्फ वही लेखक आवेदन कर सकता है, जो कम से कम बीते 20 वर्षों से ऊर्दू साहित्य की सेवा कर रहा हो

ऊर्दू अकादमी प्रतिवर्ष देता है 'मुंशी प्रेमचंद अवार्ड', एक लाख है पुरस्कार राशि, जानें- नियम व शर्तें

लखनऊ. उर्दू अकादमी (Urdu Academy) उत्तर प्रदेश प्रतिवर्ष करीब 40 लाख रुपए के साहित्यिक पुरस्कार वितरित करता है। यह पुरस्कार सिर्फ ऊर्दू लेखन पर ही मिलते हैं। इनमें एक पुरस्कार 'मुंशी प्रेमचंद अवार्ड' है। इस पुरस्कार के लिए सिर्फ वही लेखक आवेदन कर सकता है, जो कम से कम बीते 20 वर्षों से ऊर्दू साहित्य की सेवा कर रहा हो। आवेदक की पूर्व में ऊर्दू भाषा में कम से कम दो पुस्तकें प्रकाशित होनी चाहिए। इसके अलावा पत्र-पत्रिकाओं में लेख भी पूर्व में प्रकाशित होना अनिवार्य है। उपन्यास, ड्रामा, हास्य, काल्पनिक और व्यंग्य सहित आठ विधाओं में यह पुरस्कार दिया जाता है। इस पुरस्कार के तहत एक लाख रुपए की नकद राशि और प्रमाण पत्र दिया जाता है। पुरस्कार के लिए आवेदन ऑफलाइन होगा, जिसका नोटिफिकेशन प्रतिवर्ष जारी किया जाता है। वित्तीय वर्ष में उर्दू अकादमी 1 जनवरी से 31 दिसंबर तक के लेखन पर पुरस्कार देता है। आवदेकों को हर हाल में 15 जनवरी तक आवेदन करना अनिवार्य है। सात ज्यूरी सदस्य पुरस्कृत होने वाली पुस्तक को चुनते हैं। आवेदकों को आवेदन के समय 8 पुस्तकें शामिल करनी होंगी।

खास बातें
नाम- मुंशी प्रेमचंद अवार्ड
पुरस्कार राशि- एक लाख रुपए
अनुभव- कम से कम 20 वर्ष (ऊर्दू साहित्य)
शर्तें- कम से कम दो पुस्तकें प्रकाशित हों, पत्र-पत्रिकाओं में लेख भी छपे हों

पता
ऊर्दू अकादमी
विभूति खंड, गोमती नगर
लखनऊ, उत्तर प्रदेश, 226010