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हल्‍द्वानी में धधक रही हिंसा की आग, अल्मोड़ा में रोड शो कर रहे CM पुष्कर सिंह धामी, आखिर क्या है माजरा?

DM वंदना सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में यह बात कही कि हल्द्वानी में हुई हिंसा(Haldwani Violence) कोई मामूली नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश है। इस मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

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लखनऊ

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Sanjana Singh

Feb 10, 2024

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उत्तराखंड का हल्द्वानी(Haldwani) इलाका हिंसा की आग में धधक रहा है। 8 फरवरी को हुई इस हिंसा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। कई पुलिसकर्मी भी इस हादसे का शिकार बने हैं। हिंसा के करीब तीसरे भी कर्फ्यू जारी रहा। इसी बीच उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी(CM Pushkar Singh Dhami) अल्मोड़ा में रोड शो कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आज यानी 10 फरवरी को अल्मोड़ा दौरा है। इस दौरान वह आजीविका महोत्सव 3.0 के लाभार्थियों से भेंट करेंगे और कई विकास योजनाओं का लोकार्पण- शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही, मातृ-शक्ति आजीविका महोत्सव दीदी भूली कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे।

धधक उठा हल्द्वानी
हल्द्वानी में अवैध अतिक्रमण को हटाने के दौरान दंगे शुरू हुए। इस दौरान पेट्रोल बम और पत्थर फेंके गए। दंगाइयों ने पुलिस वाहन समेत कई गाड़ियों को इस दंगे में अपना शिकार बनाया। DM वंदना सिंह ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह बात कही कि यह कोई मामूली दंगा नहीं बल्कि एक सोची समझी साजिश है। अब इस मामले में पुलिस ने 18 नामजद समेत पांच हजार उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

यह भी पढ़ें: हल्द्वानी में कब और कैसे भड़की हिंसा? DM वंदना सिंह ने फुटेज के जरिए बताई पूरी दास्तां

DM ने फुटेज के जरिए बताई दंगे की पूरी कहानी
जिलाधिकारी वंदना सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में एक वीडियो में दिखाते हुए बताया कि पहला बम भीड़ की तरफ से थाने पर फेंका गया था। इतना ही नहीं थाने के बाहर खड़े वाहनों को भी जलाया गया। उन्होंने कहा, “15-20 दिन से हल्द्वानी के अलग-अलग क्षेत्रों और अदालत के आदेश के बाद भी अतिक्रमण पर कार्रवाइयां हुईं। सभी को नोटिस और सुनवाई के अवसर दिए गए। कुछ ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, कुछ को समय दिया गया, जबकि कुछ को समय नहीं दिया गया। जहां समय नहीं दिया गया वहां PWD और नगर निगम की ओर से डिमोलिशन अभियान चलाया गया। ये कोई पृथक गतिविधि नहीं थी और किसी विशेष परिसंपत्ति को टारगेट करके की गई गतिविधि नहीं थी।”