
बैंक लोन घोटाले के आरोपी विक्रम कोठारी को इलाज के लिए भेजा गया पीजीआई, तीन महीने से केजीएमयू में चल रहा था इलाज
लखनऊ. हजारों करोड़ रूपये के बैंक लोन घोटाले के आरोपी रोटोमैक कंपनी के चेयरमैन विक्रम कोठारी को इलाज के लिए सोमवार को केजीएमयू से पीजीआई रेफर किया गया है। कोठारी का पिछले तीन महीने से केजीएमयू में इलाज चल रहा था। लखनऊ जिला कारागार से कोठारी की तबियत खराब होने के बाद इलाज के लिए केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बाद भी डायबिटीज पर कंट्रोल नहीं हो पा रहा था। केजीएमयू ने कोठारी को पीजीआई में भर्ती कराने की सलाह दी थी।
नहीं हो रहा था डायबिटीज कंट्रोल
केजीएमयू ने इस मामले में जेल प्रशासन को रिपोर्ट भेजी थी और उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि डायबिटीज कंट्रोल न होने के कारण कोठारी को पीजीआई या एम्स जैसे संस्थान में भेजे जाने की जरूरत है। जेल प्रशासन ने इस रिपोर्ट के आधार पर कोठारी को पीजीआई में भर्ती कराने का निर्णय लिया और अभिरक्षा में ही पीजीआई में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा था कि कोठारी के गर्दन की दो नसें सूजी होने के कारण लेटने में भी दिक्कत हो रही है।
बैंक लोन घोटाले में हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल रोटोमैक कम्पनी के मालिक विक्रम कोठारी को बैंक से धोखाधड़ी के मामले में अरेस्ट किया गया था। गिरफ़्तारी के बाद कोठारी को लखनऊ जेल में रखा गया था। यहाँ तबियत ख़राब होने पर इलाज के लिए 22 मार्च को केजीएमयू लाया गया था। कई विभागों में इलाज के बाद 21 अप्रैल को न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था । उस समय से अभी तक कोठारी का केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग में इलाज चल रहा था।
Published on:
25 Jun 2018 07:42 pm
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