
एसजीपीजीआई में अभी तक माइक्रोबायोलॉजी विभाग कार्य कर रहा है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. राजधानी के एसजीपीजीआई में संक्रामक बीमारियों की रिसर्च और वैक्सीन तैयार करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ इंफेक्शियस डिजीज एंड वैक्सीन डेवलपमेंट की स्थापना की जाएगी। इसके तहत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे की तर्ज पर वायरोलाजी लैब बनेगी, जिसमें संक्रामक रोग से जुड़ी दवाएं और वैक्सीन तैयार की जाएंगी। यहां संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिए अलग से विभाग और अस्पताल भी बनेगा। इसकी कार्ययोजना को प्रदेश सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
गौरतलब है कि एसजीपीजीआई में अभी तक माइक्रोबायोलॉजी विभाग कार्य कर रहा है। यहां वायरस, बैक्टीरिया और फंगस पर शोध करने वाले विशेषज्ञ भी हैं, लेकिन कई जांचों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे पर आश्रित रहना पड़ता है। ऐसे में एसजीपीजीआई भी अपनी वायरोलॉजी लैब विकसित करना चाहता है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसी लैब खोलने की इच्छा जताई थी। इसलिए प्रदेश सरकार ने इस प्रोजेक्ट को स्वीकार कर लिया है।
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ऑफ इंफेक्शियस डिजीज एंड वैक्सीन डवलपमेंट का प्रोजेक्ट जल्द शुरू कराने का आश्वासन दिया है। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि पहले चरण में करीब 70 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार है। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट को स्वीकार कर लिया है। इसका पूरे देश को फायदा मिलेगा।
Published on:
11 Jan 2021, 6:08 PM IST
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.