
विदेशी फतवे के खिलाफ हुए शिया वक्फ बोर्ड अध्यक्ष, बोले- हम नहीं मानेंगे आतंकियों का फतवा
लखनऊ. शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने आज मगंलवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि राम मंदिर मुद्दे पर अपना पक्ष वापस लेने के लिए बोर्ड पर अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है । इसके लिए तरह-तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं। पहले दाऊद इब्राहीम द्वारा मुझे मारने की धमकी दी गई । फिर दाऊद के पांच लोग मेरी हत्या करवाने के लिए भेजे गए जो कि गिरफ्तार कर लिए गए । फिर पाकिस्तान से जमाअते इस्लामी से धमकी भरा मेल आया जिसमें कहा गया कि मेरी मौत पर पाकिस्तान में जश्न मनाया जाएगा । रिजवी ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने का समर्थन करता है । शिया वक्फ बोर्ड भारतीय संविधान व कानून के अनुसार कार्य करता है । ये किसी आतंकी या किसी फतवे से डरकर नहीं झुकेगा ।
बता दें कि शियाओं के सर्वोच्च धर्मगुरु अयातुल्ला अल सैयद अली अल हुसैनी अल सिस्तानी ने शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी के खिलाफ फतवा जारी करते हुए कहा था कि वे राम मंदिर के लिए वक्फ की जमीन नहीं दे सकते । दरअसल कानपुर के डॉक्टर मजहर अब्बास ने ईमेल के जरिए सिस्तानी से फतवा मांगा था । जिसके जवाब में सिस्तानी ने कहा कि कोई भी मुसलमान वक्फ की संपत्ति को मंदिर या अन्य किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए नहीं दे सकता । बता दें, वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर निर्माण के लिए अयोध्या में वक्त संपत्ति के रूप में दर्ज भूमि को देने का प्रस्ताव दिया है । रिजवी का दावा है कि बाबरी मस्जिद शिया शासक द्वारा बनवाई गई थी और यह वक्फ की संपत्ति है । जिसे वह राम मंदिर के लिए दान देना चाहते हैं ।
Published on:
28 Aug 2018 02:40 pm
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