लखनऊ. भले ही सपा के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे कुख्यात भू-माफिया विजय बहादुर यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद उसके अतंक से हर कोई खौफ खा जाएगा। मीडिया के सामने गिरफ्तारी के बाद यह गुंडा बयान दे रहा था कि एक नेता होने के चलते हम मौके पर गए थे। नेताजी मुलायम सिंह यादव ने साफ कहा है कि किसी के साथ अन्याय न होने दो इसलिए हम ग्रामीणों को समझाने गए थे।
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लेकिन कब्जेदारी के दौरान इस गुंडे का महाभारत इस वीडियो के जरिए हम अाप को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि यूपी की कानून व्यवस्था सिर्फ कुछ सपा नेताओं के कारण ही ध्वस्त हुई है। इस बात की पुष्टि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने खुद की है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि विजय के गुर्गों ने महिलाओं और बुजुर्गों को कैसे दौड़ा दौड़ाकर लाठियों से पीटकर लहूलुहान किया था। अरोपी सपा से निकाले जाने के बाद सरकारी गनर को छोड़कर अंडरग्राउंड हो गया था। पहले तो पुलिस ने डर के मारे रातभर पुलिस की टीमें दबिश का नाटक करती रहीं लेकिन सीएम की नाराजगी के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।
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अाप को बात दें की चिनहट में गुरूवार को विजय बहादुर यादव ने अपने सैकड़ों गुर्गों के साथ बाघामऊ के रहने वाले बीखल, प्रेमचन्द्र, अधिवक्ता इंदल प्रसाद ने बताया उनकी पैतृक भूमि खसरा संख्या-266क रकबा 0.1110 हेक्टेयर बाघामऊ में है। इस जमीन पर पीड़ित भूमि सुरक्षा के लिए 3 जुलाई 2016 को बाउंड्रीवाल करवाने के लिए नीव खुदवा रहे थे। इस पर गांव के दबंग प्रधान मनोज यादव, स्वयंबर यादव, लक्ष्मण ने विरोध करते हुए गाली-गलौज कर मारपीट की थी। ग्राम प्रधान अभिलेखों में दर्ज इस पैतृक जमीन को ग्राम समाज की बता जिला प्रशासन से स्टे होने के बाद भी कब्जा कर रहा था। यह भी पढ़ें-विजय बहादुर यादव गिरफ्तार, सपा से बर्खास्त होने के बाद सरकारी गनर छोड़कर हो गया था अंडरग्राउंड सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पीडिता पक्ष की सुने बगैर पीड़ितों को हड़काते हुए उनकी जेसीबी चौकी में खड़ी करवा ली थी। जमीन पर मोहल्ले में रहने वाले गोसाईगंज जिला पंचायत सदस्य विजय बहादुर यादव कब्जा करना चाहता था। जमीन का मुकदमा भी चल रहा था। पांच जुलाई को कोर्ट से जमीन पर स्टे भी मिल गया था। इसके बाद भी एक हाउसिंग सोसाइटी के साथ मिलकर विजय बहादुर यादव जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे। गुरूवार सुबह विजय बहादुर का भतीजा विवेक कई परिवारीजनों के साथ प्लाट पर मौजूद था और निर्माण कार्य करा रहा था। इंदल के भतीजे संतोष कुमार व अन्य परिवारीजनों के साथ निर्माणकार्य का विरोध करने पहुंचे तो विवेक और उसके साथियों ने गाली-गलौज कर हमला बोल दिया। यह भी पढ़ें-सपाई गुंडों ने महिलाओं और पुरुषों पर किया कातिलाना हमला: देखिए खूनी संघर्ष की तस्वीरें कातिलान हमले में दो दर्जन से अधिक हुए थे घायल पीड़ितों ने बताया सुबह जिलापंचायत सदस्य विजय बहादुर यादव, ग्राम प्रधान मनोज यादव और हिष्ट्रीशीटर रघुनंद कलिया सहित सौ-डेढ़ सौ गुंडों के साथ गांव खाली कराने पहुंचे और पीड़ितों पर असलहों की बट, कुंदों, लाठी-डंडों, फावड़े और बांके से हमला कर दिया। हमले में वीरबल (55), बहन मंगला देवी (50), संतोष उर्फ गुड्डू (35), पत्नी पप्पी देवी (32), दिनेश सिंह (35), इंदल (35), पत्नी सोभा देवी (33), केतकी देवी (36), बसंतलाल (28), अनुज कुमार (25), राधा देवी (32), दिनेश कुमार (26), सोनू (20), मोनू (18), गोलू (22) और राममूर्ति (30) घायल हुए हैं। इसमें अनुज की हालत बेहद गंभीर है जिसे ट्रामा में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे पक्ष से विवेक यादव (22), विनोद (26), राकेश (27), रघुनंदन (35), नीरज (25), राजू (23), तारकनाथ (40), मनोज (34), राम करन (36) और आशीष (26) घायल हुए हैं।