9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

बेवजह न निकलें घर से गिर सकती है बिजली, 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवाएं

यूपी में मानसून की तबाही देखने को मिल रही है। 100 करोड़ से अधिक की फसलें बर्बाद हो गयी हैं। जबकि, 1000 करोड़ की सड़़कें बह गयीं हैं। अब तक 50 की मौत की खबर है। पश्चिमी यूपी के लिए 48 घंटे भारी हैं। यहां तूफानी बारिश हो सकती है।

2 min read
Google source verification
mansoon.jpg

Mansoon in up

लखनऊ.(पत्रिका न्यूज नेटवर्क). यूपी में अब तक की सबसे भीषण मानसूनी तबाही देखने को मिल रही है। बारिश heavy-rain से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 40घंटे से यूपी में हो रही बारिश से भारी नुकसान हुआ है। अब तक 50 के मौत की सूचना है। सौ करोड़ से अधिक की फसलों को नुकसान का अंदेशा है जबकि, सड़कों के बह जाने से अब इन्हें फिर से ठीक करने पर करीब एक हजार करोड़ का खर्च आएगा। बारिश का खतरा अभी टला नहीं है। शुक्रवार को भी कई जिलों में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने कम से कम १० जिलों में ऑरेंज अलर्ट के बाद अब रेड अलर्ट जारी किया गया है। सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। IMD आइएमडी ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ हवाएं 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेंगी। कड़क और चमक के साथ बिजली गिर सकती है। इसलिए बेवजह घर से न निकलने। पिछले 36 घंटों में विभिन्न जिलों में 22 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जबकि लखनऊ में 235 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

आठ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बांदा, उन्नाव, फतेहपुर, कानपुर, कानपुर देहात, हरदोई, गौतमबुद्ध नगर और अलीगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया। बुधवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश में अबत क कुल 50 लोगों की मौत हो चुकी है। राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने बताया कि राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।

19 तक सभी स्कूल-कालेज बंद
मौसम विभाग के पूवार्नुमान के मद्देनजर राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान शुक्रवार और शनिवार को बंद रहेंगे। हालांकि, 18 सितंबर से होने वाली यूपी बोर्ड की इम्प्रूवमेंट परीक्षाएं तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी।

सड़क, रेल और हवाई यातायात बाधित
इटावा में बारिश दौरान हावड़ा-दिल्ली रेलमार्ग पर पेड़ गिरने से ओएचई लाइन टूट गई, जिससे इटावा जंक्शन समेत आसपास के स्टेशनों पर कई प्रमुख ट्रेनें खड़ी रहीं। प्रदेश में जगह-जगह सड़कों के टूट जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

सड़कें ठीक करना पड़ेगा भारी
पूरे प्रदेश में भारी बारिश से पीडब्ल्यूडी की सड़कें जगह-जगह टूट गयीं हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इन्हें ठीक करने में कम से कम एक हजार करोड़ का खर्च आएगा।

अगेती फसलों को भारी नुकसान
मूसलाधार बारिश से अब तक १०० करोड़ की फसल के नुकसान का आंकलन हुआ है। तबाही का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का दौरा करने और राहत कार्य के निर्देश दिए हैं। मुआवजे को तय करने को कहा गया है। कृषि विशेषज्ञ डॉ.सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि बारिश धान के लिए अच्छी है, लेकिन अगेती फसले हवा चलने से गिर गई हैं। तरोई, कद्दू और गोभी सहित अन्य सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। सरसों और आलू के लिए खेत तैयार करने के लिए यह बारिश वरदान बनी है।

लखनऊ और आसपास में खतरा टला
मौसम विभाग के अनुसार अब बारिश कमजोर पड़ गई है। अगले 48 घंटे तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की तथा मध्यम बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के निदेशक डॉ जेपी गुप्ता ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से दबाव बनने के चलते हवाएं लखनऊ के आसपास से गुजर रही थीं, जो अब पूर्वी पश्चिम में यूपी की तरफ रुख कर गई हैं।