
हिट एंड रन कानून के विरोध में देश भर के ट्रक, बस और टैक्सी ड्राइवर चक्का जाम कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने हाल ही में भारत के आपराधिक कानूनों में बड़ा बदलाव किया है। ये कानून अगले कुछ महीनों में लागू हो जाएंगे। अब भारतीय दंड संहिता का नाम बदलकर भारतीय न्याय संहिता हो गया है। इसके तहत धाराएं बदल गई हैं तो कई कानून की परिभाषाएं भी अलग हो गई हैं। यही नहीं कई मामलों में तो सजा से लेकर जुर्माने तक के प्रावधानों में भी बदलाव आया है। इन्हीं में से एक कानून हिट एंड रन का है, जिसे लेकर देश भर के ट्रक, बस और टैक्सी ड्राइवर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
देश भर के बस और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल का आज यानी मंगलवार को दूसरा दिन है। विरोध प्रदर्शन में ट्रक डाइवर्स और डंपर्स चालकों ने चक्का जाम कर दिया है, जिसकी वजह से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हो गए हैं कि कई जगहों पर पेट्रोल और डीजल की भारी कमी हो गई है। पेट्रोल पंप पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ लगी है।
कैसरबाग डिपो में ड्राइवर ने खड़ी रखी बसें
लखनऊ के कैसरबाग बस डिपो में ड्राइवर ने बसें खड़ी कर दीं, जिस कारण लखनऊ के आसपास के जिले जैसे कि लखीमपुर, हरदोई और सीतापुर जाने वाली यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दूसरे बस अड्डे आलमबाग पर भी यात्रियों को ऐसे ही परेशानी का सबब उठाना पड़ा।
यूपी के जिलों में ऐसा रहा हड़ताल का असर
यूपी के अन्य जिलों की बात करें तो कानपुर में भी ऐसी स्थिति देखने को मिली। वहां टेंपो चालकों ने चक्का जाम किया। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऑटो और टेंपो न चलने के कारण लोगों को ऑफिस, स्कूल और कॉलेज जाने में काफी देरी हुई।
कई प्रदेशों में हो रहा है विरोध प्रदर्शन
ड्राइवर्स का कहना है कि कानून को वापस लिया जाना चाहिए क्योंकि ये गलत है। इसी मांग को लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। ट्रक चालकों ने सड़कों पर अपने- अपने ट्रक खड़े करके चक्का जाम कर दिया। वहीं, यूपी के बस स्टेशन पर रोडवेज खड़ी है, क्योंकि ड्राइवर्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या है हिट एंड रन कानून?
दरअसल, हर साल करीब 50 हजार लोग सड़क पर हुए हादसों और समय पर अस्पताल न पहुंचाए जाने की वजह से मर जाते हैं। ऐसे में हिट एंड रन कानून को सख्त कर दिया गया है। इसके तहत अगर कोई ट्रक, डंपर या बस चालक किसी शख्स को कुचलकर भाग जाता है तो उसे 10 साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा उसके ऊपर लाखों रुपयों का जुर्माना लगाने का भी प्रावधान रखा गया है। इससे पहले आरोपी ड्राइवर को कुछ दिनों के भीतर जमानत मिल जाती थी। हालांकि, पुराने कानून में भी 2 साल की सजा का प्रावधान था लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। इसी को लेकर देश भर में ट्रक, टैक्सी और बस चालक आंदोलन पर उतरे हैं।
Published on:
02 Jan 2024 01:44 pm
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