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समझ लीजिए! धारा 144 और कर्फ्यू के बीच क्या है अंतर, वरना हो सकती है जेल

Difference between Act 144 and Curfew: अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद यूपी के कई इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। ऐसे में धारा 144 और कर्फ्यू के बीच क्या अंतर है इसको समझने की जरूरत है, वरना हो सकती है जेल।

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लखनऊ

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Aniket Gupta

Apr 18, 2023

Difference between Act 144 and Curfew

धारा 144 और कर्फ्यू के बीच अंतर

Difference between Act 144 and Curfew: प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर देने के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रशासन काफी सख्ती में है। प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा की घटना न हो इसके लिए सरकार ने शहर में धारा 144 लगा दिया है और संवेदनशील इलाकों में फोर्स तैनात कर दिए गए हैं। करीब 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा भी ठप थी जिसे सोमवार देर शाम फिर से बहाल किया गया। ऐसे में जब शहर में धारा 144 लागू है तब हमें यह साफ तौर पर समझ होनी चाहिए की आखिर धारा 144 क्या है और इसमें क्या कार्रवाई होती है। कई लोगों को धारा 144 और कर्फ्यू में कन्फ्यूजन होता है। ऐसे में आज हम इन दोनों के बीच अंतर को समझेंगे।

क्या है धारा 144?
किसी भी इलाके में किसी कारणवश जब हिंसा भड़कती है तो उस समय स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस-प्रशासन को धारा 144 लगानी पड़ती है। धारा 144 लगते ही इलाके में पुलिस फोर्स की तैनाती की जाती है। इसके अलावा लोगों को पोस्टर/टीवी के माध्यम से सूचित किया जाता है कि इलाके में धारा 144 लगाई गई है। जिस इलाके में धारा 144 लगाई जाती है वहां एक जगह 5 से अधिक लोगों को इकठ्ठा होने की इजाजत नहीं होती। और यदि आप 5 से अधिक लोगों के बीच पाए जाते हैं या किसी भीड़ का हिस्सा बनते हैं तो फिर पुलिस या वहां मौजूद फोर्स आपसे जवाब तलब कर सकती है। और यदि कोई भीड़ या ग्रुप की वजह से कोई हिंसा भड़कती है तो ऐसे में आरोपी व्यक्ति को तीन साल तक की सजा हो सकती है।

कर्फ्यू क्या है?
किसी विशेष परिस्थिति में प्रशासन की तरफ से कर्फ्यू लगाने जैसा कठिन निर्णय लिया जाता है। कर्फ्यू लगने के बाद पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दी जाती है और पूरे इलाके में फोर्स तैनात कर दिया जाता है। और इस परिस्थिति में किसी को भी घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती। और यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति घर से बाहर निकलते हैं तो उस व्यक्ति को स्थानीय पुलिस जेल भेज सकती है। हालांकि, किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की तरफ से व्यक्ति को छूट दी जाती है।

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सभी तरह की सेवाएं बंद कर दी जाती है
कर्फ्यू लगाए जाने के बाद इलाके में सभी तरह की सेवाएं बंद कर दी जाती है। सिर्फ अस्पताल को छोड़ कर किराने, सब्जी और दूध की दुकान भी बंद कर दिए जाते हैं।