
चाचा-भतीजे के रिश्तों पर जमी कड़वाहट की बर्फ पिघलती नजर आ रही है, लेकिन 'षड़यंत्रकारी' ऐसा होने नहीं दे रहे हैं
लखनऊ. चाचा-भतीजे के रिश्तों पर जमी कड़वाहट की बर्फ पिघलती नजर आ रही है, लेकिन 'षड़यंत्रकारी' ऐसा होने नहीं दे रहे हैं। ऐसा कहना है शिवपाल यादव (Shivpal Yadav) का। उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से परिवार में एकता की पूरी-पूरी गुंजाइश है, लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लोग परिवार में एका नहीं होने देना चाह रहे हैं। शिवपाल यादव अखिलेश (Akhilesh Yadav) के उस बयान पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि परिवार में परिवारवाद नहीं, लोकतंत्र है, जो भी आने चाहे उसे आंख बंद करके ले लेंगे।
बीते दिनों समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने जब दलबदल विरोधी कानून के तहत शिवपाल यादव की विधानसभा सदस्यता (Jasvantnagar MLA Shivpal) रद्द करने की अर्जी दी, तो लगा कि अब परिवार में कभी एका नहीं हो पाएगी। फिर, अखिलेश यादव ने चाचा की पार्टी में वापसी के संकेत दिये तो लगा कि यादव परिवार में अभी भी एका की गुंजाइश बरकार है। हालांकि, शिवपाल यादव ने 'षड़यंत्रकारी' का जिक्र कर सियासी अटकलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर समाजवादी पार्टी में कौन है षड़यंत्रकारी है जो अखिलेश-शिवपाल को एक नहीं होने देना चाहता है।
सामने आ रहा यह नाम
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शिवपाल यादव इशारा शायद सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव (Ramgopal Yadav) की तरफ है। शिवपाल और रामगोपाल की अदावद जगजाहिर है। 2017 के विधानसभा चुनाव के वक्त जब चाचा-भतीजे में वर्चस्व की जंग छिड़ी थी। रामगोपाल भाई के बजाय भतीजे अखिलेश के साथ न केवल खड़े नजर आये थे, बल्कि उनकी मदद अखिलेश सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये और शिवपाल को पार्टी से बाहर होना पड़ा। नाराज शिवपाल कई बार भरे मंच रामगोपाल यादव पर निशाना साध चुके हैं। इसी नाराजगी के चलते 2019 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट से सपा प्रत्याशी रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव के खिलाफ खुद शिवपाल यादव चुनावी मैदान में उतरे थे। शिवपाल के कारण ही भारतीय जनता पार्टी फिरोजाबाद सीट जीतने में सफल रही। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या चाचा-भतीजे अपने-अपने सारे गिले शिकवे भुलाकर फिर से एक हो सकेंगे। और क्या बेटे की शिकायत के बाद सपा में नंबर दो की हैसियत रखने वाले रामगोपाल यादव ऐसा होने देंगे?
शिवपाल की घरवापसी पर बोले अखिलेश यादव
शिवपाल यादव को सपा में शामिल करने के सवाल को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में जो भी आना चाहे आये, आंख बंद करके पार्टी में शामिल कर लेंगे। विधानसभा सदस्यता रद्द की याचिका भी वापस ले लेंगे। कहा कि परिवार में परिवारवाद नहीं, लोकतंत्र है।
शिवपाल ने षड़यंत्रकारियों का किया जिक्र
अखिलेश यादव के बयान के बाद शिवपाल यादव ने कहा कि मेरी तरफ से परिवार में एकता की पूरी-पूरी गुंजाइश है, लेकिन कुछ षड्यंत्रकारी लोग परिवार को एक नहीं होने देना चाह रहे हैं।
Updated on:
23 Sept 2019 01:00 pm
Published on:
23 Sept 2019 12:56 pm
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