जया बच्चन तो सिर्फ बहाना हैं, नरेश का असली निशाना तो डॉ. अशोक वाजपेयी हैं!

केवल राज्यसभा उम्मीदवारी ही नहीं, इन कारणों से नरेश अग्रवाल ने छोड़ा अखिलेश का साथ...

By: Hariom Dwivedi

Published: 12 Mar 2018, 05:41 PM IST

लखनऊ. सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रहे नरेश अग्रवाल करीब 20 साल बाद भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब जया बच्चन को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया था, कयास लगाये जाने लगे थे कि नरेश अग्रवाल जल्द ही कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेंगे। दिल्ली में नरेश अग्रवाल दिग्गजों की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ले ली। हालांकि, इससे पहले भी 2017 के विधानसभा चुनाव 2017 के दौरान उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज थीं, लेकिन तब खुद नरेश अग्रवाल ने खबरों का खंडन कर साइकिल दौड़ाने की बात कही थी।

नरेश अग्रवाल ने भाजपा में शामिल होते ही समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जया बच्चन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाये जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि फिल्मों में काम करने वाली से मेरी हैसियत कर दी गई। उनके नाम पर हमारा टिकट काटा गया। मैंने इसको बिल्कुल भी उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा में किसी शर्त पर नहीं आया हूं, न ही राज्यसभा टिकट की मांग है। नरेश अग्रवाल ने कहा कि वह नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की नीतियों से प्रभावित हैं। वहीं नरेश अग्रवाल ने ये भी कहा कि वह मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव का साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने न तो अखिलेश यादव का नाम लिया और न ही अपने पुराने मित्र शिवपाल यादव का।

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तो क्या सिर्फ इसलिये नरेश अग्रवाल छोड़ दी सपा
अहम सवाल ये है कि क्या नरेश अग्रवाल ने सिर्फ इसलिये सपा से किनारा कर लिया कि उन्हें राज्यसभा नहीं भेजा गया? राजनीतिक जानकार इससे सहमत नहीं हैं। जानकारों का मानना है कि जिस तरह से सपा में नरेश अग्रवाल की अनदेखी हो रही थी, उन्हें महसूस हो रहा था कि अब यहां ज्यादा दिन उनकी दाल गलने वाली नहीं है।

भगवा लहर में लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
हरदोई क्षेत्र में नरेश अग्रवाल का गढ़ कहा जाता रहा है। लेकिन विधानसभा चुनाव जिस तरह से भाजपा लहर में हरदोई सदर छोड़कर सभी सीटें उनके हाथ से निकल गईं, उन्हें अपनी राजनीतिक विरासत खिसकती नजर आ रही थी। इसीलिए उन्होंने इस बार मोदी लहर के सहारे लोकसभा चुनाव में उतरने का दांव खेला है।

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डॉ. अशोक वाजपेयी के दबदबा कम करने की कोशिश!
भाजपा ने हरदोई के दिग्गज नेता व नरेश अग्रवाल के चिर-प्रतिदवंदी माने जाने वाले डॉ. अशोक वाजपेयी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर नरेश विरोधियों को लामबंद करने की कोशिश की थी। डॉ. अशोक वाजपेयी हरदोई के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में नरेश अग्रवाल नहीं चाहते हैं कि जिले में कोई उनका प्रतिदवंदी आये। नरेश अग्रवाल के समर्थकों का कहना है कि जिस तरह से सपा ने नरेश की मौजूदगी में डॉ. अशोक वाजपेयी की नहीं सूनी जाती थी, उसी तरह से भाजपा में भी नरेश के जाने से यहां भी उनकी ऐसी ही स्थिति हो जाएगी।

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