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…जब 500KM/H से दौड़ी जापान की मैग्लेव ट्रेन, योगी रह गए दंग, स्पीड बोर्ड के साथ खिंचवाई फोटो

Yogi Adityanath Japan visit : सीएम योगी आदित्यनाथ का आज जापान दौरे का अंतिम दिन है। सीएम ने आज मैग्लेव ट्रेन से यात्रा की। यह ट्रेन 500 से 600KM की स्पीड से चलती है।

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स्पीड डिस्प्ले बोर्ड के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने खिंचवाई तस्वीर, PC- Video Grab

लखनऊ : जापान दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी में दुनिया की सबसे तेज ट्रेनों में शुमार SCMaglev(एससी मैग्लेव) में सफर किया। इस दौरान ट्रेन की रफ्तार 500 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची। हवा से बातें करती ट्रेन की स्पीड देख मुख्यमंत्री खुद भी रोमांचित नजर आए। उन्होंने ट्रेन के स्पीड डिस्प्ले बोर्ड के साथ फोटो खिंचवाई और थम्स-अप दिखाकर अपनी खुशी जाहिर की। यात्रा के दौरान वे बार-बार स्पीड स्क्रीन की ओर देखते रहे।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने लगभग 100 किलोमीटर की दूरी इस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन से तय की। उनकी जापान यात्रा का यह अंतिम दिन था, जो तकनीक और निवेश के लिहाज से खास माना जा रहा है।

किस तकनीक पर दौड़ती है मैग्लेव ट्रेन?

मैग्लेव (Magnetic Levitation) ट्रेन शक्तिशाली चुंबकों की मदद से पटरियों के ऊपर तैरते हुए चलती है। ट्रेन और ट्रैक के बीच सीधा संपर्क नहीं होता, जिससे घर्षण लगभग शून्य हो जाता है। यही वजह है कि यह ट्रेन 500 किमी/घंटा या उससे अधिक की गति हासिल कर सकती है।

जापान की इस प्रणाली का संचालन Central Japan Railway Company द्वारा किया जाता है। पहियों और पटरी के बीच संपर्क न होने से न केवल गति अधिक मिलती है, बल्कि ऊर्जा दक्षता भी बेहतर होती है।

भविष्य की हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक

पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में मैग्लेव में कंपन और शोर काफी कम होता है, जिससे सफर अधिक आरामदायक बनता है। उन्नत नियंत्रण प्रणाली और विशेष ट्रैक डिजाइन के कारण दुर्घटना की संभावना भी बेहद कम मानी जाती है।

यांत्रिक घिसावट कम होने से रखरखाव अपेक्षाकृत आसान होता है। तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प होने के कारण मैग्लेव को भविष्य की हाई-स्पीड ट्रांसपोर्ट तकनीक के रूप में देखा जा रहा है।

ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक MoU

जापान दौरे के दौरान यूपी सरकार और यामानाशी प्रांत के बीच ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्रों को जापान में उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने शासन की कार्यप्रणाली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, और यही बदलाव प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव बना है।

टोक्यो में जी2जी (Government to Government) और जी2बी (Government to Business) बैठकों के जरिए जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद भी हुआ, जिससे निवेश और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।