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योगी सरकार का बड़ा फैसला, सभी प्राइमरी स्कूलों में 2010 के बाद हुई भर्तियों की होगी जांच

प्रदेश के कई जिलों में सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़े को लेकर उठे सवालों के योगी सरकार ने प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में 2010 के बाद हुई भर्ती की जांच कराने का फैसला लिया है।

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Cm Yogi

सीएम योगी

लखनऊ. प्रदेश के कई जिलों में सहायक अध्यापक भर्ती में फर्जीवाड़े को लेकर उठे सवालों के योगी सरकार ने प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में 2010 के बाद हुई भर्ती की जांच कराने का फैसला लिया है। अपर मुख्य सचिव डॉ.प्रभात कुमार ने आदेश दिया है कि अब प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में 2010 के बाद हुई सहायक शिक्षकों की भर्ती की जांच होगी। बड़े पैमाने पर फ़र्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने का है। साल 2010 के बाद शिक्षकों के करीब 1.5 लाख पद भरे गए हैं।

क्या है मामला


दरअसल मथुरा जिले में हुए फर्जीवाड़े की खबरे आईं थी। फिर इसकी जांच के दौरान ये तय हुआ कि सात अन्य जिलों आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, हाथरस, मुरादाबाद, फतेहपुर व हरदोई में बीते 8 वर्षों में हुई नियुक्तियों में अनियमितता की जांच होगी। यह जानकारी बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा. प्रभात कुमार ने दी है। इसके बाद कई जिलों में अफसरों व लिपिकों पर गाज गिरनी तय है। अब हर जिल में हुई भर्ती की जांच होगी।

अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा डा. प्रभात कुमार 2010 के बाद हुई नियुक्तियों की जांच की जाएगी। इस संबंध में संबधिंत जिलों के जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। जिलों में अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक व सहायक मण्डलीय शिक्षा निदेशक (बेसिक) इस समिति में सदस्य के रूप में शामिल होंगे। 2010 के बाद सहायक अध्यापकों के पद पर हुई नियुक्ति में अनियमितता, नियम विरुद्ध नियुक्तियों की जांच करेगी। जांच के समय विभिन्न बिन्दुओं को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देशन में इस जांच को पूरा किया जाएगा और इसकी मॉनिटरिंग अपर मुख्य सचिव खुद करेंगे।

बीते दिनों अप रमुख्य सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा था कि कई जिलों में अपात्र लोगों की नियुक्तियां हुई है। कई विधायकों ने भी अपने जिले में शिक्षक भर्ती की जांच कराने का अनुरोध किया था। इस संबंध में जिलाधिकारियों को पत्र भेज दिया गया है। मथुरा में 12,460 शिक्षक भर्ती में 216 पदों में से 185 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें से 25 अभ्यर्थी अपात्र थे, वहीं सात अभ्यर्थी ऐसे थे जिन्होंने मथुरा से प्रशिक्षण नहीं लिया था। इसके अलावा 29,334 जूनियर शिक्षक भर्ती में 67 अतिरिक्त शिक्षकों को नियुक्त पत्र दे दिया गया जबकि रिक्तियां कम थीं।