2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राहुल गांधी की ‘हगप्लोमेसी’: राजनाथ बोले ये ‘चिपको आंदोलन’, स्पीकर को भी नहीं आया पसंद

सदन में राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी को गले लगाने पर सुमित्रा महाजन ने कहा, 'राहुल गांधी मेरे बेटे की तरह हैं। मैं मां के रूप में उन्हें शिष्टाचार की बात बताना भी अपना कर्तव्य मानती हूं।'

2 min read
Google source verification

image

Chandra Prakash Chourasia

Jul 20, 2018

Rahul Gandhi hugging PM Narendra Modi

राहुल गांधी की 'हगप्लोमेसी': राजनाथ बोले ये 'चिपको आंदोलन', स्पीकर को भी नहीं आया पसंद

नई दिल्ली: लोकसभा के अंदर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिलना अब विवादों में आ गया है। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने इसपर नाखुशी जाहिर की और कहा कि इस हाव-भाव से सदन के शिष्टाचार में कमी आई है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी के ऐसा करने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

'पीएम को गले लगाना पसंद नहीं आया'

शुक्रवार को सदन के भीतर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गले मिलने पर सुमित्रा महाजन ने कहा, 'मुझे भी यह पसंद नहीं है। एक शिष्टाचार होता है प्रधानमंत्री पद के लिए। सदन के भीतर सीट पर जब वह बैठे हैं तो वह नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि भारत के प्रधानमंत्री हैं।'

यह भी पढ़ें: तेजस्वी यादव को पसंद आया राहुल गांधी का आंख मारना, प्रिया प्रकाश ने भी जताई खुशी

सदन में शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए: सुमित्रा महाजन

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, 'आपको (कांग्रेस सदस्यों को इशारा करते हुए) यह भले ही पसंद हो लेकिन मुझे यह पसंद नहीं आया। खासतौर से उन्होंने (राहुल गांधी) प्रधानमंत्री से गले मिलने के बाद जो इशारा किया, वह मुझे पसंद नहीं आया। इस सदन में शिष्टाचार को बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी है। सुमित्रा महाजन ने कहा, 'राहुल गांधी मेरे बेटे की तरह हैं। मैं मां के रूप में उन्हें शिष्टाचार की बात बताना भी अपना कर्तव्य मानती हूं।'

गृहमंत्री बोले- सदन में 'चिपको आंदोलन'

लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के भाषण के दौरान कुछ समय के लिए सदन के स्थगित हो गई थी। दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब राजनाथ सिंह ने अपना भाषण शुरू करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने सदन के भीतर 'चिपको आंदोलन' शुरू किया है।

गले लगाना पूर्व निर्धारित नहीं था : कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद के अंदर गले लगाना एक स्वस्फूर्त भाव था, और यह पूर्व निर्धारित नहीं था, जिसने बीजेपी को हतप्रभ कर दिया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, 'राहुल गांधी ने क्या शानदार प्रदर्शन किया। यह 'गेम-चेंजिंग' भाषण था। सरकार के दावों की धज्जियां उड़ाने के बाद उन्होंने अपने भाषण की समाप्ति अलिखित गले लगा कर की, जिसने सच में भाजपा को हतप्रभ कर दिया।'

भाषण के बाद पीएम को गले लगाने पहुंचे थे राहुल

बता दें कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। अपने 40 मिनट के भाषण में राहुल ने कहा कि मेरे मन में आपके लिए नफरत या द्वेषपूर्ण भावनाएं रत्ती भर भी नहीं हैं। आप मुझसे नफरत करते हैं, मैं शायद आपके लिए 'पप्पू' हूं। आप मेरे लिए अपशब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन मैं आपसे प्यार करता हूं और आपका सम्मान करता हूं, क्योंकि मैं कांग्रेस हूं। इसके बाद राहुल गांधी सत्ताधारी पक्ष की ओर गए मोदी से गले मिले जिसे देख लोकसभा में सभी हैरान थे। अचानक हक्का-बक्का हो जाने के बाद मोदी ने तुरंत उनको वापस बुलाकर उनसे हाथ मिलाया। उन्होंने राहुल गांधी की पीठ थपथपाई और मुस्कराते हुए दोनों नेताओं ने बात की।