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BMC Election: टिकट बंटवारे में ‘परिवारवाद’ का बोलबाला, 40 से ज्यादा नेताओं ने परिजनों को बनाया उम्मीदवार

देश की सबसे अमीर नगर निकाय बीएमसी की 227 सीटों के लिए कुल 2,516 नामांकन दाखिल किए गए हैं। मुंबई समेत महाराष्ट्र की सभी 29 महानगरपालिकाओं में 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि 16 जनवरी को वोटों की गिनती होगी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 02, 2026

Maharashtra Politics BJP Shiv Sena

देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (Photo: IANS)

देश के सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी (BMC Election) के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही मुंबई की राजनीति गरमा गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावी मैदान में 'परिवारवाद' का बोलबाला नजर आ रहा है। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने बताया की बीएमसी की 227 सीट के लिए 2,516 नामांकन मिले हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो अलग-अलग दलों के 40 से ज्यादा नेताओं ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अपने परिवार के सदस्यों को चुनावी मैदान में उतारा है। 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले टिकटों के बंटवारे ने स्थानीय राजनीति में बढ़ते वंशवाद पर नई बहस छेड़ दी है।

मुंबई में इस बार पारिवारिक संबंधों के आधार पर टिकटों का वितरण काफी बड़े पैमाने पर देखा गया है। लगभग 43 नेताओं ने अपने बच्चों, पत्नी, भाई-बहनों और यहां तक कि दूर के रिश्तेदारों के लिए भी टिकट हासिल किया है। भाजपा विधायक राहुल नार्वेकर और कांग्रेस विधायक असलम शेख इस सूची में सबसे आगे हैं, जिन्होंने अपने परिवार के लिए 3-3 टिकट हासिल किए हैं।

इसी तरह, एनसीपी नेता नवाब मलिक के परिवार के भी तीन सदस्य मैदान में हैं। कई मामलों में अनुभवी और वरिष्ठ पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करते हुए नेताओं ने अपने स्थापित वोट बैंक के दम पर अपनों को प्राथमिकता दी है।

भाजपा में भी 'परिवारवाद' की झलक

वंशवाद का विरोध करने वाली भाजपा ने भी कई नेताओं के संबंधियों को टिकट दिए हैं। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर (वार्ड 226), उनकी भाभी हर्षिता नार्वेकर (वॉर्ड 225) और चचेरी बहन डॉ. गौरवी शिवलकर (वार्ड 227) चुनावी मैदान में हैं।  

पूर्व सांसद किरीट सोमैया के बेटे नील सोमैया ने मुलुंड (पश्चिम) के वार्ड 107 से निर्विरोध जीत भी हासिल कर ली है, क्योंकि तकनीकी आधार पर विपक्षी उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया था। इसके अलावा, प्रवीण दरेकर के भाई प्रकाश दरेकर वार्ड 3 से और मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम के साले वार्ड 68 से चुनाव लड़ रहे हैं।

इसके साथ ही भाजपा के पूर्व विधायक आरके पुरोहित के बेटे आकाश पुरोहित (वॉर्ड 221), पूर्व भाजपा पार्षद के बेटे तेजिंदर सिंह तिवाना (वॉर्ड 47) को भी भाजपा ने बीएमसी चुनाव में प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) भी पीछे नहीं

कांग्रेस ने भी दिग्गज नेताओं के परिजनों पर भरोसा जताया है। मालाड से विधायक असलम शेख ने अपने बेटे हैदर शेख, बहन कमर जहां सिद्दीकी और दामाद सैफ अहमद खान को टिकट दिलाया है। पूर्व मंत्री आरिफ नसीम खान के बेटे आमिर खान कुर्ला से और पूर्व सांसद चंद्रकांत हंडोरे की बेटी प्रज्योति वार्ड 140 से चुनाव लड़ रही हैं।

वहीं, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय दीना पाटिल की बेटी राजोल, पूर्व मंत्री सुनील प्रभु के बेटे अंकित वार्ड 54 से और विधायक मनोज जामसूतकर की पत्नी सोनम भी वार्ड 210 से चुनावी मैदान में हैं।

शिवसेना (शिंदे गुट)-

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में कई बड़े नाम शामिल हैं। अंधेरी पूर्व के वार्ड 73 से सांसद रवींद्र वायकर की बेटी दीप्ति वायकर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि विधायक दिलीप लांडे ने वार्ड 163 से अपनी पत्नी शैला लांडे को टिकट दिलाया है। भांडुप से विधायक अशोक पाटिल के बेटे रूपेश पाटिल वार्ड 113 से मैदान में हैं। वहीं, वरिष्ठ नेता सदा सरवणकर ने अपने बेटे समाधान (वार्ड 194) और बेटी प्रिया (वार्ड 191) दोनों के लिए टिकट सुनिश्चित किया है।