योगी सरकार के राडार पर आये ये 80 अफसर, बड़ी कार्रवाई की तैयारी

- सरकार ने अफसरों के खिलाफ दिये विजिलेंस जांच के आदेश, इन पर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप
- यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में पीएफ घोटाला सामने आने के बाद अब योगी सरकार की नजर विभाग के भ्रष्ट इंजीनियरों पर है

लखनऊ. यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) में पीएफ घोटाला (PF Scam) सामने आने के बाद अब योगी सरकार (Yogi Sarkar) की नजर विभाग के भ्रष्ट इंजीनियरों पर है। यूपीपीसीएल (UPPCL) के 80 ऐसे इंजीनियरों की लिस्ट तैयार की जा चुकी है, जिन पर आय से अधिक संपत्ति और अकूत चल-अचल संपत्ति जमा करने का आरोप है। सरकार इन पर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। इन भ्रष्ट इंजीनियरों के खिलाफ विजलेंस जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि इस मामले में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने पहले ही जांच के आदेश दिये थे। अब शासन की तरफ से विजिलेंस को जांच सौंपकर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिजली विभाग के जिन 80 इंजीनियरों के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू हुई है, उनमें लखनऊ, नोएडा, इलाहाबाद, वाराणसी सहित कई शहरों में तैनात इंजीनियरों के नाम हैं। इन सभी पर अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। 80 लोगों की लिस्ट में दो चीफ इंजीनियर, सात अधीक्षण अभियंता, 15 अधिशासी अभियंता, 23 असिस्टेंट इंजीनियर और 33 कर्मचारी शामिल हैं।

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पीएफ घोटाले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू
यूपीपीसीएल में सैकड़ों के पीएफ घोटाले की अब तक हुई जांच में खुलासा हुआ है कि कर्मचारियों के पीएफ की रकम 14 शेयर ब्रोकर फर्मों के जरिए डीएचएफएल में लगाई गई थी। सामने यह भी आ रहा है कि इनमें से ज्यादातर शेयर ब्रोकर फर्म सिर्फ इसलिए बनाई गई थीं ताकि यहां यूपीपीसीएल के पीएफ की रकम लगाई जा सके। और तो और इनमें से कई फर्मों का मालिक एक ही व्यक्ति है। शेयर ब्रोकर फर्म के मालिकों और यूपीपीसीएल के किन अधिकारियों के बीच संबंध थे? इडब्ल्यूओ की टीम इस दिशा में भी काम कर रही है। ऐसी ही एक शेयर ब्रोकर फर्म से गिरफ्तार आरोपी पीके गुप्ता के बेटे अभिनव के संबंधों की बात भी सामने आई है। फिलहाल अभिनव अभी फरार है। ईओडब्लू मामले की गहनता से पड़ताल में लगी है। मामले में अब तक यूपीपीसीएल के पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु त्रिवेदी, महाप्रबंधक लेखा एवं इम्पलाइज ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव पीके गुप्ता और पूर्व प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा कई अफसरों से पूछताछ की जा रही है। इसी क्रम में डीएचएफएल के तत्कालीन एरिया मैनेजर अमित प्रकाश से भी पूछताछ की है।

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Hariom Dwivedi
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