
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों के होर्डिंग लगाए जाने के मामले में हाई कोर्ट के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारियों की अटकलों के बीच यूपी सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसने अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार को बताया कि होर्डिंग मामले में हाईकोर्ट के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने को लेकर अभी ‘कुछ भी तय नहीं किया गया है। अभी तय किया जाना बाकी कि इस मामले को लेकर आगे क्या करना है।
मुख्यमंत्री के सूचना सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने कहा कि अदालत के आदेश को सही परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि दंगाइयों के पोस्टर हटाने के हाईकोर्ट के आदेश को सही परिप्रेक्ष्य में समझने की जरूरत है। सिर्फ उनके पोस्टर हटेंगे, उनके खिलाफ लगी धाराएं नहीं। दंगाइयों की पहचान उजागर करने की लड़ाई हम आगे तक लड़ेंगे। योगी राज में दंगाइयों से नरमी असंभव है।
दरअसल, योगी सरकार कथित दंगाइयों के होर्डिंग हटाने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। गत 19 दिसम्बर को राजधानी लखनऊ में सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों को दंगाई करार देते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था और उनमें से 57 के खिलाफ वसूली नोटिस जारी किए थे। गत गुरुवार को जिला प्रशासन ने नगर के हजरतगंज समेत चार थाना क्षेत्रों में 100 प्रमुख चौराहों तथा स्थानों पर होर्डिंग लगवाई थीं, जिसमें इन आरोपियों की बड़ी तस्वीरें, पता और निजी जानकारियां भी छपवाई गई थीं। इनमें से अनेक के मामले अभी अदालत में लंबित पड़े हुए हैं।
Updated on:
11 Mar 2020 08:06 am
Published on:
10 Mar 2020 07:37 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
