
लखनऊ. योगी सरकार अब यूपी के सभी गांवों में गौशालाएं खोलने जा रही हैं। योगी सरकार द्वारा इन गौशालाओं में डेनमार्क की तर्ज पर उन्नत नस्ल की गायें और भैसें पाली जाएंगी। देसी गोवंशों को जर्सी व विदेशी नस्लों की गायों की तरह अधिक दूध देने लायक बनाया जाएगा। योगी सरकार ने इसके लिए अक बहुउद्देशीय परियोजना तैयार की है। इस परियोजना पर केन्द्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है और इसके साथ ही 10,881 करोड़ भी रुपए की मंजूरी दी है।
लोगों का भी सहयोग लेगी योगी सरकार
इस परियोजना के माध्यम से किसानों व पशुपालकों के साथ गौशालाएं व दुग्ध उत्पाद इकाईयों को मजबूती प्रदान की जाएगी। केन्द्र सरकार से आवंटित राशि नाबार्ड के माध्यम से राज्य सरकार को दी जाएगी। इस परियोजना में योगी सरकार निजी क्षेंत्र के लोगों का भी सहयोग ले सकती है।
लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बनेगा
सरकार की मंशा है कि दूध उत्पाद का कार्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए एक बड़े रोजगार का माध्यम बनेगा। गौ पालन के कार्य में निजी क्षेत्रों को सरकार न सिर्फ नित्तीय सहायता देगी बल्कि तकनीकि व प्रबंधकीय के अलावा दूध बेचने में भी योगी सरकार सहयोग करेगी। केन्द्र सरकार से निलने वाली इतनी बड़ी राशि से उत्तर प्रदेश में दुग्ध विकास के क्षेत्र में तमाम बड़े बड़े कार्य योगी सरकार द्वार कराए जाएंगे।
यूपी में अत्याधुनिक होंगा दुग्ध उत्पादन
उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में क्रान्तिकारी परिवर्तन लाने के लिए योगी सरकार यूपी के सभी गांवों में गौशालाएं खोलेगी। इसके तहत प्रदेश सरकार सहकारी दुग्ध संघ एवं राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ एवं अन्तराज्यीय सहकारी दुग्ध समितियां एवं दुग्ध उत्पाद कम्पनियों के अलावा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट कार्पोरेशन से सहायता प्राप्त इकाईयों को मदद देगी ताकि वे खुद को अत्याधुनिक बना सकें। डेनमार्क और जर्मनी समेत अन्य यूरोपीय देशों के भांति प्रदेश में भी दूध के उत्पादन और उसके प्रबंधन के लिए किसानों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
Published on:
04 May 2018 12:47 pm
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