
Mulayam
लखनऊ. यूपी के राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा यूपी के 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिनों के अंदर सरकारी आवास खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है, लेकिन इसी बीच मामले से संबंधित एनेक्सी स्थिति मुख्यमंत्री ऑफिस के पंचम तल से कुछ जरूरी दस्तावेज लीक हो गए हैं, जिसके लिए जिम्मेदार दो अफसरों को उनके पद से हटा दिया गया है। दरअसल ये दस्तावेज सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने सरकारी आवास के संबंध में एक समाधान के रूप में सीएम योगी से मुलाकात के दौरान उन्हें सौंपे थे। पत्र में यह उपाय बताया गया है कि किस तरह उनका बंगला बचाया जा सकता है।
इन दोनों को किया गया निलंबित-
दस्तावेजों को लेक करने के आरोप में सीएम योगी के निजी सचिव पीताम्बरा यादव और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पीए शिशुपाल को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि मुलायम सिंह यादव द्वारा मुख्यमंत्री को बंगला बचाने के लिए दिए गए पत्र को लीक किया गया है। 16 मई को मुलायम द्वारा सीएम योगी को पत्र दिए जाने के थोड़ी ही देर बाद यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। सीएम ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की है कि मुख्यमंत्री ऑफिस के पंचम तल से गोपनीय पत्र कैसे लीक हो सकता है।
क्या लिखा है पत्र में-
सीएम योगी को दिए गए पत्र में मुलायम सिंह यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर खुद को और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को आवंटित आवास विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और विधान परिषद में नेता विरोधी दल अहमद हसन को आवंटित करने की गुजारिश की गई है।
कल देर रात जारी हुआ था नोटिस-
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार देर रात उत्तर प्रदेश के राज्य संपत्ति विभाग ने छह पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिनों के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस भेज दिया है। मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अनुमति के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, राजनाथ सिंह , एनडी तिवारी, मायावती व कल्याण सिंह को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है।
Published on:
18 May 2018 04:10 pm

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