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श्री जगन्नाथ की रहस्यमयी रसोई के 7 दावों का सच: सबसे ऊपर की हांडी पहले पकती है, नहीं घटता महाप्रसाद

Jagannath Puri Kitchen : भगवान जगन्नाथ पुरी मंदिर रसोई दुनिया की सबसे बड़ी रसोई है। दावा है कि यहां एक के ऊपर एक करके 7 हांडी रखकर खाना पकाया जाता है। लोगों जितने भी आ जाएं यहां कभी प्रसाद नहीं घटता। आइए, इन दावों का सच समझते हैं।
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भारत

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Ravi Gupta

Jul 21, 2026

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Jagannath Puri Rasoi | प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo- ChatGPT AI

Jagannath Dham Rasoi : पुरी (ओडिशा) के समुद्र तट के पास स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की रसोई को दुनिया की सबसे बड़ी मंदिर-रसोई कहा जाता है। कहा जाता है कि सात हांडी को एक के ऊपर एक रखकर खाना पकाया जाता है लेकिन, आग के पास वाली हांडी पहले नहीं पक पाती जबकि सबसे ऊपर वाली हांडी पहले तैयार होती है। खाना कभी नहीं घटता, एक साथ लाखों लोगों के लिए भोजन पकता है,… इस तरह के कई दावे प्रचलित हैं।

आइए, इन दावों के प्रमाणित तथ्य, सदियों पुरानी आस्था के हिसाब से बारी-बारी समझते हैं।

दावा 1: यह दुनिया की सबसे बड़ी मंदिर रसोई है

यहां हर दिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनता है, और यह मान्यता है कि विशेष अवसरों पर यह संख्या एक लाख से भी ऊपर पहुंच जाती है।

सच: Odisha E-Magazine में इसका उल्लेख मिलता है। यह दावा केवल लोककथा नहीं है। मंदिर प्रशासन और ओडिशा सरकार के अनुसार यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद तैयार होता है, और विशेष मौकों पर यह संख्या वाकई एक लाख या उससे अधिक तक जा सकती है।

दावा 2: सात बर्तनों में सबसे ऊपर वाला पहले पकता है

सबसे प्रसिद्ध और सबसे ज्यादा चर्चित दावा यह है कि मिट्टी के सात बर्तन एक-दूसरे के ऊपर रखे जाते हैं, लेकिन सबसे ऊपर रखा बर्तन सबसे पहले पक जाता है, जबकि सबसे नीचे वाला सबसे बाद में।

सच: यह परंपरा खुद ओडिशा पर्यटन विभाग भी अपनी जानकारी में शामिल करता है। मंदिर प्रबंधन भी कहता है कि इस तरह से खाना पकाया जाता है। ये परंपरा हमेशा से चली आ रही है।

दावा 3: महाप्रसाद कभी कम या ज्यादा नहीं पड़ता

लोकमान्यता है कि चाहे दो हजार श्रद्धालु आएं या एक लाख, महाप्रसाद न तो कभी कम पड़ता है और न ही बचता है।

सच: Odisha E-Magazine के मुताबिक, मंदिर प्रशासन हर दिन श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या के आधार पर भोजन तैयार करता है, और पीढ़ियों से चली आ रही अनुभवी सेवायतों की व्यवस्था के कारण बर्बादी बेहद कम होती है। हालांकि, कहा जाता है कि इस रसोई में एक साथ लाखों लोगों के लिए खाना बन सकता है। कई मौकों पर बनता भी है।

दावा 4: यहां खाना केवल मिट्टी के बर्तनों में बनता है

कहा जाता है कि इस रसोई में आधुनिक बर्तनों या उपकरणों का कोई इस्तेमाल नहीं होता।

सच: मंदिर प्रशासन के मुताबिक, यह दावा पूरी तरह प्रमाणित तथ्य है। यहां भोजन केवल मिट्टी के बर्तनों में पकाया जाता है, और ईंधन के रूप में सिर्फ लकड़ी का उपयोग होता है। आधुनिक गैस चूल्हे या प्रेशर कुकर का इस्तेमाल नहीं किया जाता, और यह परंपरा सदियों से बिना बदले चली आ रही है।

दावा 5: भगवान को 56 तरह के भोग (छप्पन भोग) चढ़ाए जाते हैं

मंदिर में भगवान जगन्नाथ को दिन भर में कई तरह के व्यंजन अर्पित किए जाने की बात प्रचलित है, जिसे लोकप्रिय रूप से "छप्पन भोग" कहा जाता है।

सच: यह सही है कि भगवान जगन्नाथ को विभिन्न समयों पर अनेक प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं, जिसमें चावल, दाल, सब्जियां, खिचड़ी, खीर और तरह-तरह की मिठाइयां शामिल होती हैं। इसी विविधता को मिलाकर "छप्पन भोग" कहा जाता है।

दावा 6: सिर्फ भगवान को चढ़ाने से ही भोजन "महाप्रसाद" बन जाता है

आमतौर पर माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ को भोग लगते ही वह भोजन महाप्रसाद कहलाने लगता है।

सच: पहले भोजन भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया जाता है, इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित मां विमला को समर्पित किया जाता है और तभी वह "महाप्रसाद" कहलाता है। यह क्रम स्कंद पुराण और मंदिर की स्थापित नीतियों में वर्णित है।

दावा 7: इस विशाल भोजन को बनाने वाले सैकड़ों रसोइये होते हैं

इतने बड़े पैमाने पर भोजन बनाने के लिए एक बड़ी टीम की जरूरत होने की बात कही जाती है।

सच: इतिहासकारों और ओडिशा रिव्यू के अनुसार यह सही है। सैकड़ों रसोइये, जिन्हें सुआरा सेवायत कहा जाता है, अपने सहयोगियों के साथ इस काम में जुटे रहते हैं। यह पूरा कार्य वंशानुगत सेवायत व्यवस्था के तहत चलता है, जहां हर सेवायत की भूमिका पहले से तय होती है।

दावा 8: इस रसोई में प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं होता

कहा जाता है कि महाप्रसाद पूरी तरह सात्विक भोजन है।

सच: यह दावा सही है। महाप्रसाद पूरी तरह सात्विक होता है, और इसमें सामान्यतः प्याज-लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

एक नजर में देखिए पूरी बात

दावास्थिति
दुनिया की सबसे बड़ी मंदिर रसोई✅ प्रमाणित तथ्य
हांडी और लकड़ी पर खाना बनता है✅ प्रमाणित तथ्य
हजारों लोगों के लिए रोज महाप्रसाद✅ प्रमाणित तथ्य
सबसे ऊपर का बर्तन पहले पकता है🟡 परंपरा/आस्था
महाप्रसाद कभी कम नहीं होता🟡 धार्मिक मान्यता

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