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डिजिटल इंडिया का सच, तो एेसे झूठ बोल कर अफसर लूट रहे वाह-वाही

डिजिटल इंडिया के तहत ग्राम पंचायतों को छह महीने पहले डिजिटल बनाने की कवायद शुरू हुई

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दिनेश पाटकर@महासमुंद.डिजिटल इंडिया के तहत ग्राम पंचायतों को छह महीने पहले डिजिटल बनाने की कवायद शुरू हुई। भवन की व्यवस्था भी हो गई, कॉमन सर्विस सेंटर के बोर्ड भी लगा दिए गए, लेकिन नेट कनेक्शन नहीं होने से कामकाज शुरू नहीं हो पाया है।

जब इस मसले पर जनपद पंचायतों के अफसरों से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए केबल बिछाने का काम चल रहा है। इधर, बीएसएनएल के अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास सीएससी में नेट कनेक्शन के लिए अभी तक आवेदन नहीं आए हैं। ऐसे में साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जनपद पंचायतों के अफसर अपनी लापरवाही छिपाने और आम जनता को सुविधा से वंचित करने, किस तरह से झूठ बोल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक डिजिटल इंडिया बनाने का प्रधानमंत्री का सपना है।

इसी के तहत ग्राम पंचायतों को नेट कनेक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है, लेकिन जनपद के अफसर ही पीएम के सपने को साकार होने नहीं दे रहे हैं। जब जिले के कुछ ग्राम पंचायतों का मौका मुआयना किया, तो जनपद अफसरों की पोल खुल गई। जनता को सिर्फ धोखा देने के लिए भवनों के सामने कॉमन सर्विस सेंटर के बोर्ड लगा दिए गए हैं, पर कामकाज जीरो है। ये बोर्ड सिर्फ लोगों को कॉमन सर्विस सेंटर होने का अहसास दिला रहे हैं। हकीकत में यहां अभी भी काम मेनुअल चल रहा है। अफसरों के मुताबिक जिले में ५१६ सीएससी खोले गए हैं। महासमुंद ब्लॉक में करीब 104 ग्राम पंचायतों में है।

ग्रामीणों को ऐसे मिलेगी सुविधा
कॉमन सर्विस सेंटर में नेट कनेक्टिविटी के बाद ग्राम पंचायतें ऑनलाइन हो जाएंगी। यहां लोगों को आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बिजली बिल, मोबाइल रिचार्ज समेत 80 तरह की सुविधाएं मिलेंगी। वहीं आने वाले दिनों में इन लोक सेवा केंद्रों से ही मनरेगा का भुगतान भी गांव के मजदूरों को किए जाने की योजना है।

प्रमाण-पत्र के लिए भटकते हैं ग्रामीण
वर्तमान में जरूरतमंद लोग प्रमाण-पत्र बनाने के लिए नगरीय क्षेत्रों के तहसील कार्यालयों में खुले लोक सेवा केंद्रों में पहुंचते हैं। यहां एक दिन में उनका प्रमाण-पत्र नहीं बनता। कुछ तकनीकी त्रुटि आने पर बार-बार ग्रामीणों को भटकना पड़ता है। गांव में सीएससी सेंटर शुरू होने बाद ग्रामीणों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। लोगों को शहरी क्षेत्र में आना नहीं पड़ेगा।

सीएससी के लिए अभी तक हमारे पास कोई आवेदन नहीं आए हैं। आवेदन आने पर इंटरनेट कनेक्शन दिया जाएगा।
संंतोष कुमार सोनी, एसडीओ, बीएसएनएल, महासमुंद

सभी पंचायतों में सीएससी खुल गए हैं, लेकिन इंटरनेट के बारे में मुझे अभी पता नहीं है। मैं पूछकर बताती हूं।
अंकिता गर्ग, सीईओ, जनपद पंचायत, महासमुंद

अभी सरायपाली क्षेत्र में नेट कनेक्शन के लिए केबल बिछा नहीं है, लेकिन कॉमन सर्विस सेंटर खुल चुका है।
पवन कुमार प्रेमी, सीईओ, जनपद पंचायत, सरायपाली

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