
महासमुंद. जिलेभर से पहुंचे कांग्रेसजनों ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को कलक्टोरेट का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांगे्रसियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। पुलिस ने कांग्रेसियों को एसडीएम कार्यालय के पास रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रोक पाई।
किसानों को सूखा राहत राशि, फसल बीमा क्षतिपूर्ति राशि और अचानक हुई बारिश के कारण रबी फसल को हुए नुकसान का मुआवजा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जिला कांगे्रस कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए। दोपहर 2 बजे कांग्रेस भवन से सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली के रूप में कलक्टोरेट घेरने निकले। कांग्रेसी कलक्टोरेट न घेर सके इसके लिए पुलिस ने एसडीएम कार्यालय के सामने बैरिकेट्स लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस व कांग्रेसियों के बीच झूमा-झटकी हुई, लेकिन पुलिस टीम कांग्रेसियों को रोक नहीं पाई। रैली कलक्टोरेट घेरने आगे बढ़ गई। पुलिस ने कलक्टोरेट गेट के पास एक बार पुन: कांग्रेसियों को रोका।
कांग्रेसियों ने कलक्टोरेट गेट के सामने बैठकर नारेबाजी करते हुए संयुक्त कलक्टर शिवकुमार तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष आलोक चंद्राकर, पूर्व विधायक अग्नि चंद्राकर, मकसूदन चंद्राकर, महेन्द्र बहादुर, वरिष्ठ नेता दाऊलाल चंद्राकर, प्रभारी महामंत्री हरदेव सिंह ढिल्लो, शहर अध्यक्ष जसबीर सिंह ढिल्लो प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र चंद्राकर, पूर्व जिलाध्यक्ष अमरजीत चावला, वनोपज संघ के जिलाध्यक्ष विनोद चंद्राकर, पार्षद विजय साव, राजू साहू, मनोजकांत साहू, प्रकाशराव साकरकर, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमन चंद्राकर, महासमुंद विधानसभा प्रभारी निखिलकांत साहू, प्रदीप बोस, विजय बघेल आदि मौजदू थे।
बीज उत्पादक किसानों ने की अंशदान की मांग
बीज उत्पादन के बदले मिलने वाली अंशदान राशि का भुगतान को लेकर सोमवार को बीज उत्पादक किसानों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि वर्ष 2016-17 में वीएनआर कंपनी के द्वारा ग्रीष्मकालीन नर-नारी धान का बीज उत्पादन करने के लिए अनुबंध किया था। कंपनी द्वारा अनुबंधित किसानों को अंशदान देने का प्रावधान है। कंपनी ने करीब 260 किसानों को अंशदान की राशि का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि अन्य कंपनियों ने भुगतान कर दिया है। ये किसान जनपद कार्यालय से रैली निकालकर कलक्टोरेट पहुंचे।
आज हाईकोर्ट पहुंचेंगे सत्याग्रही किसान
महासमुंद से बिलासपुर हाईकोर्ट जाने के लिए निकली किसान सत्याग्रह आमरण अनशन पदयात्रा अपनी मंजिल के करीब पहुंच गई है। सत्याग्रह के 24वें दिन रिसदा में सभा के बाद न्यायधानी की ओर पदयात्री किसानों ने कूच किया। किसान नेता पारसनाथ साहू ने बताया कि 20 फरवरी मंगलवार को बिलासपुर में किसानों का बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। बिलासपुर क्षेत्र के आसपास के गांव सहित दूरदराज से बड़ी संख्या में किसान वहां पहुंच रहे हैं। साहू ने कहा है कि लंबे समय से पीडि़त शोषित किसान को शासन से राहत न मिलने के कारण अब हाईकोर्ट से गुहार लगाई जा रही है।
पदयात्रा में शामिल किसानों को पूरा विश्वास है कि न्यायालय जनहित के इस मुद्दे पर किसानों की याचिका अवश्य स्वीकार करेगा, जिससे किसानों के विकास का रास्ता खुलेगा। किसान की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। यही बात किसानों को आंदोलन में उतरने के लिए मजबूर कर दिया। न्यायालय से वैधानिक सहयोग नहीं मिला तो यह आंदोलन प्रदेशभर में फैलेगा।
ये हैं मांगें
सूखा राहत राशि, फसल बीमा क्षतिपूर्ति राशि, रबी फसल की क्षतिपूर्ति राशि, मनरेगा के माध्यम से रोजगार , मनरेगा में लंबित राशि का भुगतान, धान की बोनस राशि सहित जनहित के अन्य मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर यह आंदोलन हुआ।

Updated on:
20 Feb 2018 07:03 pm
Published on:
20 Feb 2018 06:47 pm

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