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दोस्त के साथ जा रहा हूं कहकर निकला था घर से, दो दिन बाद लौटा मगर इस हाल में…

युवक को इस हाल में देख परिवार वालों को नहीं हुआ यकीन

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दोस्त के साथ जा रहा हूं कहकर निकला था घर से, दो दिन बाद लौटा मगर इस हाल में

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक युवक अपने दोस्त के साथ जा रहा हूं कहकर निकला था मगर दो दिन बाद इस हाल में लौटा जिसे देख कर परिवार वालों दंग रह गए।

दरअसल, हाथियों ने बुधवार की सुबह बुंदेली के जंगल में जमकर उत्पात मचाया। मशरूम तोडऩे गए एक ग्रामीण की पटक-पटक कर जान ले ली। वहीं मृतक का एक साथी किसी तरह जंगल से भाग निकला। फिर इसकी सूचना ग्रामीण और वन विभाग को दी। खोजबीन के बाद दूसरे दिन गुरुवार को मृतक का शव जंगल में मिला।

पिथौरा रेंजर जयकांत गंडेचा ने बताया कि बुधवार की सुबह बुंदेली के जोहतराम दीवान एवं रामसिंह निषाद टिकरापारा बीट के कक्ष क्रमांक-228 में मशरूम तोडऩे गए थे। इसी दौरान जंगली हाथियों से दोनों का सामना हो गया। रामसिंह व जोहतराम वहां से भागे। रामसिंह भागने में सफल हो गया और जोहतराम को हाथियों ने पटक कर मार डाला। इधर, डरे सहमे रामसिंह ने उक्त घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही विभाग के आला अफसर वहां पहुंचे।

इसके बाद ग्रामीण व विभाग की टीम ने जंगल में जोहत राम की तलाश की, लेकिन उसका शव नहीं मिला। शाम होने के कारण सभी वापस आ गए। इसके बाद गुरुवार को पुन: ग्रामीण व वन विभाग की टीम जोहत राम को ढूंढने के लिए जंगल में घुसी। घंटों मशक्कत के बाद टीम को जोहत राम का शव कक्ष क्रमांक २२४ में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। पंचनामा व पीएम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि २५ हजार रुपए दी है। गण्डेचा ने कहा कि शेष रकम ३ लाख ७५ हजार जांच के बाद परिजनों के खाते में जमा की जाएगी।

बागबाहरा क्षेत्र के ग्राम आमगांव में गुरुवार सुबह भालू ने मोहन लाल पिता सुखलाल गोड़ (36) पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल मोहन लाल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि आमगांव के मोहन लाल नहरपारा बांध के नीचे अपने फल्ली की फसल को देखने सुबह सात बजे खेत गया था। तभी उसका सामना तीन भालू से हुआ। एक भालू उस पर हमला कर दिया। इसके बाद तीनों भालू वहां से चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि भालू के साथ उसके दो शावक भी थे।

सिरपुर इलाके में पिछले दो वर्षों जंगली हाथियों का उत्पात से दहशत कायम है। ये हाथी 6 से अधिक लोगों की जान ले चुके हैं। फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। फिलहाल, कुछ दिनों से हाथी का आतंक नहीं है। इसे किसानों को राहत की सांस मिली है। इधर, ओडिशा के हाथियों के समूह ने पिथौरा क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। पिछले एक महीने से बुंदेली के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। इससे लोगों में दहशत कायम है। गुरुवार को एक ग्रामीण को मार भी डाला।