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टमाटर की खेती कर किसान बन गया लखपति, जानिए क्या हैं ये तरीका

टमाटर की पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तरीके से खेती करना किसान के लिए नजीर बन गया है।

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टमाटर की खेती कर किसान बन गया लखपति, जानिए क्या हैं ये तरीका

महासमुंद. टमाटर की पारंपरिक खेती से हटकर आधुनिक तरीके से खेती करना किसान के लिए नजीर बन गया है। टमाटर की चमक से किसान की तकदीर भी बदल गई है। किसान ने आधुनिक तरीके से उत्पादन कर लाखों रुपए का मुनाफा कमाया है।

जज्बा और नए प्रयोग से किसान को कामयाबी मिली है। एक तरफ जहां टमाटर की बंपर आवक से टमाटर के भाव गिर गए है, वहीं दूसरी ओर कुछ किसानों पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्हें आमदनी भी हो रही है। हाइटेक विधि ड्रिप मल्चिंग और बांस रूटेंकिंग से कम पानी में खेती करने से किसान की कमाई में इजाफा किया है।ग्राम पिथौरा के अरविंद दुबे ने बताया कि उनके पास कुल 25 एकड़ जमीन है, उन्होंने 15 एकड़ में टमाटर का उत्पादन किया। इसमें किरश्मा हाइब्रिड टमाटर लगाया था। जिसका उत्पादन अच्छा हुआ है।

पिथौरा उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी एसके पटेल ने बताया कि किसान को पहले उच्च तकनीक की जानकारी दी गई थी। टमाटर की खेती के लिए हाइटेक विधि ड्रिप मल्चिंग और बांस रूटेंकिंग से किया गया है। शुरू में जमीन टिकरा बंजर था, अब प्रति एकड़ 5 से 6 लाख रुपए आमदनी हो रही है। यह अन्य किसानों के लिए अनुकरणीय है। टमाटरों की साइज और चमक अन्य टमाटरों की तुलना में अधिक है। आधुनिक तरीके से उत्पादन करने से लाभ हो रहा है।

अरविंद ने बताया कि टमाटर उत्पादन के लिए प्रति एकड़ ६० हजार रुपए की लागत आई है। प्रति एकड़ टमाटर से 3 लाख 60 हजार की आमदनी हो रही है। शुद्ध लाभ 3 लाख रुपए प्रति एकड़ हो रहा है। इसमें उद्यानिकी विभाग का भी सहयोग रहा है। अभी कई पौधे विकसित हो रहे हैं, जो आगामी महीनों में तैयार हो जाएंगे, तब टमाटर को अच्छा दाम मिलने की उम्मीद है।

अरविंद ने बताया कि ग्राफ्टेड टमाटर सिजेंटा का 3150 किस्म का हाइब्रिड टमाटर है, जो कि 6 माह तक फल देता रहेगा। टमाटर के लिए मौसम भी अनुकूल रहा, जिससे फायदा मिला है। उन्होंने बताया कि टमाटर का आकार आम टमाटर की तुलना में काफी अच्छा है। उन्होंने बताया कि 15 एकड़ में अलग -अलग समय में टमाटर लगाया है, इस वजह से उन्हें टमाटर के दाम गिरने से कोई असर नहीं पड़ रहा है।