
बिजली दर बढ़ाने की तैयारी पर बवाल (photo source- Patrika)
Electricity Bill Hike: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर अप्रैल माह से बिजली दरों में बढ़ोतरी की तैयारी की खबर सामने आ रही है। इससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पडऩे की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले वर्ष 2025 के जुलाई महीने में भी बिजली दरों में वृद्धि की गई थी। आम आदमी पार्टी के महासमुंद जिलाध्यक्ष राकेश झाबक ने बताया कि राज्य बिजली सरप्लस होने के बावजूद दरों में बढ़ोतरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली बिल में ऊर्जा प्रभार के साथ कई अनावश्यक शुल्क जोड़े जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। पार्टी ने 8 सूत्रीय मांगें रखते हुए 2 अप्रैल 2026 को महासमुंद जिला मुख्यालय स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने की बात कही है।
प्रमुख मांगों में प्रस्तावित बिजली दर वृद्धि को वापस लिया जाए और पहले से बढ़ी दरों में कमी की जाए, बड़े बकायादार उद्योगपतियों और सरकारी विभागों से बकाया बिल की वसूली की जाए, स्मार्ट मीटर प्रणाली में सुधार या पुराने मीटर बहाल किए जाएं, बिजली कंपनियां अपने खर्चों में कटौती करें, ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती बंद की जाए, ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मर व अन्य विद्युत सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराई जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मियों पर कार्रवाई हो।
किसानों के अस्थायी विद्युत कनेक्शन को स्थायी किया जाए। मुनगासेर, पिथौरा और सरायपाली क्षेत्र में लो वोल्टेज की समस्या का समाधान किया जाए। पार्टी ने कहा है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आम आदमी पार्टी के महासमुंद जिलाध्यक्ष राकेश झाबक ने बताया कि बिजली बिल बढऩे से आम जनता पर दबाव बढ़ेगा।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में बिजली दरों को लेकर समय-समय पर विवाद और बहस होती रही है। राज्य में बिजली उत्पादन की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है और इसे बिजली सरप्लस राज्य के रूप में भी देखा जाता है, बावजूद इसके उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी और विभिन्न शुल्कों को लेकर असंतोष सामने आता रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में बिजली दरों में क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका असर घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यवसायियों पर पड़ा है। वर्ष 2025 में भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से ही उपभोक्ताओं के बीच बिजली बिल को लेकर चिंता बनी हुई है। खासतौर पर ऊर्जा प्रभार के अलावा अन्य अतिरिक्त शुल्कों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
Updated on:
02 Apr 2026 02:30 pm
Published on:
02 Apr 2026 02:29 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
