
खल्लारी मंदिर हादसे में श्रद्धालु घायल (photo source- Patrika)
Khallari Temple ropeway Accident: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित खल्लारी माता मंदिर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने नवरात्रि के उत्सव का माहौल पलभर में मातम में बदल दिया। मंदिर तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने वाला रोपवे अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया, जिससे दो ट्रॉलियां ऊंचाई से गिर पड़ीं। इस हादसे में 16 लोग घायल हो गए, जबकि रायपुर के राजा तालाब क्षेत्र की 28 वर्षीय आयुषी की मौत हो गई। घायलों में चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
नवरात्रि के चलते मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। लगभग 4,000 फीट ऊंचाई पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए रोपवे प्रमुख साधन है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब दो ट्रॉलियां यात्रियों को लेकर ऊपर की ओर जा रही थीं, तभी अचानक केबल टूटने या तकनीकी गड़बड़ी के कारण वे नियंत्रण खो बैठीं और तेजी से नीचे गिर गईं।
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
एसडीएम नमिता मार्कोले के अनुसार घायलों में शामिल हैं:
घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर विनय लंगेह ने तत्काल विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतका के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति देने की कामना की। उन्होंने यह भी बताया कि घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए गए हैं, ताकि घायलों को बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यह हादसा एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और रोपवे जैसे संसाधनों के रखरखाव को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। नवरात्रि जैसे बड़े आयोजनों के दौरान लाखों श्रद्धालु ऐसे स्थानों पर पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन बेहद जरूरी हो जाता है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे हादसे की असली वजह सामने आ सके।
Published on:
22 Mar 2026 07:19 pm
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