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महासमुंद/अरेकेल. Mahasamund News Today : पिथौरा विकासखंड के दूरस्थ ग्रामीण अंचल पिरदा के शासकीय नवीन महाविद्यालय ( New GovernmentCollege Pirda ) में अव्यवस्थाओं का अंबार है। इस शासकीय महाविद्यालय को 4 साल पहले ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा देने की मंशा के साथ शुरू करने के दावा किया गया था। लेकिन, मौजूदा वक्त तक महाविद्यालय ( New GovernmentCollege Pirda ) में गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
Mahasamund News : वर्ष 1992 में पिरदा में हाईस्कूल विद्यालय का शुभारंभ हुआ था। जिसका हायर सेकंडरी में उन्नयन 2002 में हुआ। क्षेत्रवासियों की मांग पर 2018 में भाजपा के मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में महाविद्यालय की सौगात मिली थी। जिसे जुलाई 2018 में संसदीय सचिव व पूर्व बसना विधायक रूपकुमारी चौधरी ने महाविद्यालय ( New Government College Pirda ) की शुभारंभ किया था। तब से पिरदा हाईस्कूल भवन में दो पालियों में कक्षा संचालित है। इससे महाविद्यालय सहित हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी विद्यार्थियों को बहुत ज्यादा परेशानी होती है। महाविद्यालय ( New Government College Pirda ) के अक्षय प्रधान, देवेश देवांगन, विकास सिदार, युवराज प्रधान, नेहा पटेल, सुषमा भोई, हिमाद्री कश्यप सहित सैकड़ों विद्यार्थियों ने बताया कि 2018 से संचालित नवीन महाविद्यालय ( New Government College Pirda ) शुभारंभ के 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण नहीं होने से महाविद्यालय हाई स्कूल में संचालित है। विद्यार्थियों के बैठने सहित लाइब्रेरी, लैब की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है।
महाविद्यालय 541 विद्यार्थी
New Government College Pirda प्राचार्य बृजलाल पटेल से पूछे जाने बताया कि महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं गणित संकाय में कुल 541 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। महाविद्यालय में 10 प्राध्यापक व 1 लिपिक कार्यरत हैं। महाविद्यालय में 2 लिपिक और चपरासी के पद रिक्त हैं। इस नवीन महाविद्यालय को आज तक स्वयं का भवन नसीब नहीं हो सका। गांव के सरकारी हाईस्कूल के उधार के कमरों में यह महाविद्यालय चल रहा है। बहरहाल, महाविद्यालय की हालत को देखते हुए विद्यार्थियों में शासन-प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
Mahasamund News : सबसे चौकाने वाली बात तो यह है कि इस हाईस्कूल का हायर सेकंडरी में उन्नयन 20 वर्ष पूर्व हुआ, लेकिन स्वयं हायर सेकंडरी को अपने भवन का इंतजार है। ऐसे में इस महाविद्यालय ( New Government College Pirda ) में अध्ययन करने वाले बच्चों का भविष्य समझा जा सकता है। अब ये सवाल उठता है कि मूलभूत सुविधाओं की कमी वाले महाविद्यालय में उच्च शिक्षा के हीरे कैसे चमक पाएंगे। यहां के बच्चों ने कई बार शासन-प्रशासन सहित स्थानीय नेताओं से इस मामले में शिकायत भी की किन्तु कभी भी नेताओं ने इन विद्यार्थियों की सुध नहीं ली। प्रतिवर्ष यहां विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, लेकिन महाविद्यालय ( New Government College Pirda ) की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
Published on:
12 Dec 2022 05:27 pm
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