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Ayushman Card: अब नहीं होना होगा परेशान, आयुष्मान कार्ड के आवेदकों को डोर-टू-डोर मिलेगी ये सुविधा

Ayushman Card: मार्च-अप्रैल महीने में पंजीयन कराने के बाद भी कार्ड नहीं मिलने से च्वाइस सेंटरों से निराश लौट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब आयुष्मान के प्लास्टिक कार्ड का वितरण डोर-टू-डोर किया जाएगा।

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Ayushman card making date increased

Ayushman card

महासमुंद. Ayushman Card: मार्च-अप्रैल महीने में पंजीयन कराने के बाद भी कार्ड नहीं मिलने से च्वाइस सेंटरों से निराश लौट रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब आयुष्मान के प्लास्टिक कार्ड का वितरण डोर-टू-डोर किया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। च्वाइस सेंटरों के माध्यम से ही वितरण करने की तैयारी है। वर्तमान में प्लास्टिक के आयुष्मान कार्ड के लिए हितग्राही चक्कर काट रहे हैं। पंजीयन के आठ महीने के बाद कई हितग्राहियों को कार्ड नहीं मिला है।

कुछ च्वाइस सेंटरों में कार्ड पहुंच गए थे, लेकिन च्वाइस सेंटर वाले संपर्क कर वितरण नहीं कर रहे थे। अब अन्य च्वाइस सेंटर के माध्यम से वितरण कराने की तैयारी है। जिले में मार्च और अप्रैल में 4 लाख 88 हजार 294 कार्ड बनाए गए थे। इसमें चार लाख 59 हजार 318 कार्ड पहुंच चुके हैं। 28 हजार कार्ड आने बाकी है। 74 प्रतिशत कार्ड का वितरण कर दिया गया है। च्वाइस सेंटर के जिला प्रबंधक श्यामल शर्मा ने बताया कि कई च्वाइस सेंटर में कार्ड पहुंच गए थे, वे हितग्राहियों से संपर्क कर वितरण नहीं कर रहे थे, अब उनसे कार्ड लेकर अन्य च्वाइस सेंटर के माध्यम से हितग्राहियों को डोर-डोर पहुंचकर कार्ड वितरण जाएगा।

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ग्रामीण क्षेत्रों में कार्ड लेने नहीं आ रहे हितग्राही
ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाकर मार्च व अप्रैल के महीने में लोगों के आयुष्मान कार्ड के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया था। इसके बाद जिन च्वाइस सेंटरों में ज्यादा पंजीयन हुआ है, वहां कार्ड पहुंचने लग गए हैं, लेकिन हितग्राही अपना कार्ड लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं आए, जिसके कारण शेष रह गए और च्वाइस सेंटर वालों ने भी उन्हें संपर्क नहीं किया। गौरतलब है कि च्वाइस सेंटर से भी कार्ड नि:शुल्क वितरण किया जाना है, इस वजह से च्वाइस सेंटर रुचि नहीं लेते हैं।

महासमुंद जिला राज्य में चौथे स्थान पर
आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। जिन हितग्राहियों ने सत्यापन नहीं कराया है, वे करा सकते हैं। गौरतलब है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों का बायोमेट्रिक नहीं होने से अब तक उनका सत्यापन नहीं हो पाया है। बायोमेट्रिक सत्यापन में तेजी नहीं आ पा रही है। महासमुंद जिला आयुष्मान कार्ड के वितरण के मामले में अभी राज्य में चौथे स्थान पर है।

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सीएससी प्रबंधक श्यामल शर्मा ने कहा, आयुष्मान कार्ड डोर-टू-डोर वितरण किया जाएगा। च्वाइस सेंटरों के पास आइडी होती है। जिससे वे एडरेस देखकर वितरण कर सकते हैं।