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अपनी मर्जी से जा रहा हूं, एक लड़की के साथ प्रेम सम्बन्ध है और वो गर्भवती हो गयी है, सच सामने आया तो उड़ गए सबके होश

घटना को अपहरण का रंग देने के लिए 7 जनवरी को मृतक के घर में एक चिट्ठी छोड़ दी। जिसमें 7 लाख रुपये की मांग की गयी थी। मृतक की पत्नी ने वो चिट्ठी पुलिस को दे दी। जिसके बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरी चाल चली और 10 जनवरी को एक और चिट्ठी मृतक के घर में फेंक दी।

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अपनी मर्जी से जा रहा हूं, एक लड़की के साथ प्रेम सम्बन्ध है और वो गर्भवती हो गयी है, सच सामने आया तो उड़ गए सबके होश

अपनी मर्जी से जा रहा हूं, एक लड़की के साथ प्रेम सम्बन्ध है और वो गर्भवती हो गयी है, सच सामने आया तो उड़ गए सबके होश

महासमुंद. छोटे भाई ने जमीन के विवाद में बड़े भाई की हत्या करवा दी थी। सरायपाली पुलिस ने मामले मामले का खुलासा करते हुए बताया है कि हत्या करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए है। मृतक के छोटे भाई ने ही उन्हें 2 जनवरी को हत्या के लिए सुपारी दी थी।

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जानकारी के अनुसार, बड़े भाई बाबूलाल यादव का अपने छोटे भाई ठंडाराम के साथ पैतृक जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी वजह से बड़े भाई ने छोटे भाई को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और 2 जनवरी को इसके लिए उसने गांव के ही रहने वाले बसंत चौहान को 81 हजार रुपये की सुपारी दे दी और 11 हजार रुपये बतौर एडवांस भी दिया । बसंत चौहान ठंडाराम का दोस्त था।

4 जनवरी को रात लगभग 9 बजे बसंत चौहान ने फ़ोन किया और कहा कि उसके पास एक चोरी का पम्प है जिसे ठिकाने लगाना है। उसकी मदद करने के लिए ठंडाराम उसके बताये हुए ठिकाने पर पंहुचा। बसंत ने उसे खेत में धोखे से नीचे गिरा दिया और बसंत के साले शीतल ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया जिसके कारण उसकी मौत हो गयी। बाद में उन्होंने शव को जंगल में ले जाकर जला दिया।

उन्होंने घटना को अपहरण का रंग देने के लिए 7 जनवरी को मृतक के घर में एक चिट्ठी छोड़ दी। जिसमें 7 लाख रुपये की मांग की गयी थी। मृतक की पत्नी ने वो चिट्ठी पुलिस को दे दी। जिसके बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए दूसरी चाल चली और 10 जनवरी को एक और चिट्ठी मृतक के घर में फेंक दी। जिसमें लिखा था कि मृतक अपनी मर्जी से घर छोड़ कर जा रहा है क्योंकि उसका एक युवती के साथ अवैध सम्बन्ध है और वो गर्भवती है।

अलग-अलग लेटर मिलने से पुलिस को शक हो गया। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि ठंढाराम को आखिरी बार उसके दोस्त बसंत ने की थी। पुलिस ने बसंत से कागजी कार्यवाही के नाम पर कॉपी मांगी तो उन्होंने देखा कि कॉपी के कुछ पन्ने फाटे हुए है। उन्होंने उसी कॉपी में से बसंत के हैंडराइटिंग सैम्पल ले लिया और जब जांच करवाया तो सारा भेद खुद गया। पुलिस ने बाबूलाल यादव,बसंत और उसके साले को हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया है।

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