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होटल के एसी कमरे में होता था लेनदेन, एंटी करप्शन टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा जेल

एंटी करप्शन टीम के चंगुल में आया अधिकारी विभाग के ज्यादातर काम एक होटल में रहकर ही करता था...
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महोबा

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Hariom Dwivedi

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Updated: 27 Jun 2018, 2:21 PM IST

Anti corruption team arrested Drug Inspector

होटल के एसी कमरे में होता था लेनदेन, एंटी करप्शन टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर को घूस लेते पकड़ा

महोबा. जनपद में अब तक एक के बाद एक पांच अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन इनकी न तो करतूतें बंद हो रही हैं और न ही रिश्वतखोरी। बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने एक बार फिर एक बड़े अधिकारी को रिश्वत की मोटी रकम के साथ होटल से गिरफ्तार कर लिया है। अभी और भी अधिकारी टीम की राडार पर बताये जा रहे हैं।

मलकपुरा में रहने वाले ऋषि चौरसिया ने मेडिकल खोलने के लिए एक माह पूर्व ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद ड्रग विभाग के इंस्पेक्टर रमेश लाल गुप्ता ने लाइसेंस देने के एवज में उनसे 60 हजार रुपये रिस्वत मांग की। आवेदक इस बात से खासा परेशान था कि जायज काम के लिए भी उसे भ्रष्ट अधिकारी को रिश्वत देना पड़ेगी। उसने कई बार अधिकारी से फरियाद की, कहा कि पैसे नहीं हैं, बिना अधिकारी बिना घूस लिये पैसे लेने को तैयार नहीं हुआ।

प्लानिंग के बाद गिरफ्तार हुआ अफसर
अधिकारी से परेशान आवेदक ने रिश्वत के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे यूटा संगठन से मदद मांगी। इसके बाद झांसी जाकर एंटी करप्शन टीम से लिखित शिकायत की। शिकायत पर गंभीरता दिखते हुए एंटी करप्शन टीम झांसी के प्रभारी अवनीश कुमार यादव ने मामले की जांच करने पर सत्यता पाई गई। बुधवार को प्लानिंग के तहत पीड़ित रिश्वत की एक क़िस्त 45 हजार रुपये केमिकल लगे हुए प्रशांत होटल के रूम में पहुंचा और अधिकारी को दे दिया। घूसखोर अफसर जब तक पैसों को इधर-उधर लगा पाता, एंटी करप्शन टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर को रिश्वत की रकम संग रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को महोबा कोतवाली में सुपुर्द कर घूस की रकम को सीज कर दिया है।

होटल के एसी रूप में करता था लेनदेन
पीड़ित ने बताया कि वो पिछले एक महीने से प्रताड़ित हो रहा है। अधिकारी उसका काम बिना पैसों के करने के लिए तैयार ही नहीं था। ऐसे में उसने एंटी करप्शन टीम की मदद ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, एंटी करप्शन टीम के चंगुल में आया अधिकारी अपने विभाग के ज्यादातर काम एक होटल में रहकर करता था। होटल के एसी रूम में निवास भी करता था।

घूसखोर अफसर के अन्य मामलों की भी हो रही जांच
एंटी करप्शन टीम की पांच सदस्यीय टीम का नेतृत्व कर रहे प्रभारी अवनीश कुमार यादव बताते हैं कि आरोपी ड्रग इन्स्पेक्टर की शिकायत सत्य पाये जाने पर घूसखोर अफसर की गिरफ़्तारी की गई है। इसकी सुचना सम्बंधित अधिकारीयों को दी गई है। अभी आरोपी के और मामलों की भी जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा जाएगा।

रिश्वतखोरी के खिलाफ जारी रहेगी लड़ाई
यूटा के विक्रांत पटेरिया बताते है कि जनपद के अभी और भी अधिकारीयों की शिकायतें आ रही है जो बिना रिश्वत कोई काम नहीं करते। बहुत जल्द उनको भी रंगे हाथ गिरफ्तार किया जायेगा। यूटा रिश्वतखोरी के खिलाफ आगे भी लड़ता रहेगा।

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